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आचार संहिता से पहले PM मोदी छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों को देंगे बड़ी सौगात

छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लगने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन राज्यों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। प्रधानमंत्री अक्टूबर के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ के दौरे पर जा सकते हैं
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 28 Sep 2018, 7:14 PM IST

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लगने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन राज्यों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। प्रधानमंत्री अक्टूबर के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ के दौरे पर जा सकते हैं, जहां लंबित और नई परियोजनाओं की घोषणा भी संभावित है। इसके लिए भाजपा भी पूरी जी-जान से जुटी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने रैलियों से पूर्व छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश व राजस्थान में केंद्र और राज्य की योजनाओं का ब्योरा मांगा गया है। इनमें कई योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं, उनकी भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। माना जा रहा है कि इनमें कुछ लंबित योजनाओं से लेकर, नई योजनाओं की सौगात प्रधानमंत्री दे सकते हैं।

6, 9 अक्टूबर को दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 6 अक्टूबर को राजस्थान और 9 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ का दौरा प्रस्तावित है। इस बीच मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारी चल रही है जहां 12 अक्टूबर से राजमाता विजयराजे सिंधिया की जन्मशती समारोह की शुरुआत होगी। हाल ही में केंद्र सरकार ने इसकी घोषणा थी।

राज्यों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
चुनावी सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी तैयारी में जुटा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व ने कुछ समय पूर्व ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई है। इसमें सांसद और विधायकों की वे मांगे हैं जो उन्होंने जनता के हितार्थ लोकसभा या विधानसभा में उठाई हैं।

नहीं तो संकल्प पत्र में होगा शामिल
पा र्टी के एक शीर्ष नेता ने बताया कि चुनाव से पूर्व राज्यों की इस रिपोर्ट के जरिए किसी कारणवश अगर चुनावी सौगात नहीं दी जा सकी तो उन मांगों को संकल्प पत्र में शामिल किया जाएगा। भाजपा सत्तारूढ राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसढ़ में घोषणा पत्र की जगह संकल्प पत्र जारी करने की तैयारी कर चुकी है।

कई संगठन शामिल
रिपोर्ट में तमाम सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की मांग को भी शामिल किया गया है। इन मांगों की वर्तमान प्रगति क्या है, क्या मांग माने जाने से पार्टी को फायदा होगा जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।