
धान की आवक बढऩे से पोहा मिल मालिकों को मिली राहत
भाटापारा. पोहा मिलें धान के अभाव में इन दिनों जूझ रही है। कोई भी पोहा मिल अभी बंद नहीं हुई है, लेकिन पोहा मिलों को प्रतिदिन धान की जितनी जरूर है, उतनी नहीं मिल पा रही है। मंडी में कुछ दिनों तक धान की आवक काफी कम हो गई थी। लेकिन सोमवार व मंगलवार से फिर से धान की आवक में बढ़ोतरी हुई है। इससे मिल मालिकों ने राहत की सांस ली है।
भाटापारा मंडी पोहा की एक बहुत बड़ी मंडी के रूप में जानी जाती है। इसलिए भाटापारा कृषि उपज मंडी में मोटे धान खासकर महामाया धान की मांग हमेशा बनी रहती है। तीन-चार दिन पूर्व अचानक कृषि उपज मंडी में महामाया धान की आवक में काफी गिरावट आ गई थी, जिससे भाव में भी काफी उछाल आ गया था। फलस्वरूप पोहा मिल मालिकों को महंगे में धान खरीदना पड़ रहा था। जबकि अन्य प्रांतों में धान की कीमत कम होने से पोहा मिल मालिकों को पोहा बेचने में कंपटीशन करने के लिए तकलीफ हो रही थी। हॉट पोहा मिल मालिकों का पोहा इतनी मात्रा में बिक नहीं पा रहा था कितनी मात्रा में पहले बिका करता था। भाटापारा कृषि उपज मंडी में चारों तरफ से धान की आवक होती है, किंतु शासन-प्रशासन के सख्त रवैया की वजह से धान की आवक पर असर पड़ गया था।
महासंघ ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
छत्तीसगढ़ पोहा मुरमुरा उत्पादक महासंघ द्वारा कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान पोहा महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताया गया कि शासन की सख्ती के चलते मंडी में धान की आवक प्रभावित हो गई है। जिससे पोहा व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आश्वासन दिया कि अब सख्ती केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की आवक को रोकने के लिए ही की जाएगी। प्रदेश के आंतरिक क्षेत्रों में किसानों व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने पंजीयन में फसल बुवाई क्षेत्र से ज्यादा पंजीयन करवाया है। उनसे धान की खरीदी शासन द्वारा नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य समस्याओं के शीघ्र निराकरण् के लिए भी उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ पोहा मुरमुरा उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कुकरेजा भाटापार, पोहा मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश थारानी, अशोक थारानी, विनोद तलरेजा, रवि मंधान प्रमुख रूप से शामिल थे।
मंगलवार को ऐसी रही आवक
मंगलवार को भाटापारा कृषि उपज मंडी में नया महामाया धान की आवक 10000 से अधिक रही, जबकि पुराना महामाया धान की आवक ढाई हजार बोरा के करीब थी। इस प्रकार मोटा धान की आवक 12500 बोरे की रही जबकि बारीक धान की आवक लगभग 1000 बोरे की रही।
यह रहा भाव
महामाया पुराना 1635 रुपए
महामाया नया 1815 रुपए
सरना 1490 रुपए
विष्णु भोग 3700 रुपए
एचएमटी 2140 रुपए
श्रीराम 2170 रुपए
मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया गया है। जिस पर उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है और कहा है कि अब केवल सीमावर्ती क्षेत्र में ही धान की जांच-पड़ताल की जाएगी।
कमलेश कुकरेजा, प्रदेश अध्यक्ष पोहा मुरमुरा महासंघ, भाटापारा
Published on:
04 Dec 2019 01:25 am
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