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सो रही नर्सों को होटलों से किया गिरफ्तार बाकी जो बची उन्हें धरना स्थल से उठाया

नर्सों की एसडीएम की मौजूदगी में गिरफ्तारी की गई, इस दौरान धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।

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वहीं पुलिस सुबह से ही धरना स्थल पर भी पहुंच गई, जहां जो भी नर्सें मिलीं उन्हें पुलिस के वाहनों में भर लिया गया। गिरफ्तारी का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

रायपुर . पुलिस ने सुबह-सुबह उन होटलों में दबिश दी, जहां नर्सें ठहरी हुई थीं, वहीं से उन्हें गिरफ्तार किया गया। वहीं पुलिस सुबह से ही धरना स्थल पर भी पहुंच गई, जहां जो भी नर्सें मिलीं उन्हें पुलिस के वाहनों में भर लिया गया। गिरफ्तारी का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

नर्सों की एसडीएम की मौजूदगी में गिरफ्तारी की गई। इस दौरान धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद देर रात नर्सों के परिजन भी सेंट्रल जेल के सामने इकट्ठे हो गए, जिन्हें पुलिस बार-बार हटाती रही और परिजन बार-बार वहां जमा होते रहे। नर्सों का कहना है कि हमारी मांगें जायज हैं, सरकार हड़ताल समाप्त करने तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। वहीं दूसरी ओर कमेटी का गठन कर धरना-प्रदर्शन को टालने की कोशिश की जा रही है। इस पर भी बात नहीं बनी तो दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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बस्तर जिला अध्यक्ष प्रार्थना राजदास ने कहा कि वे जहां भी रहेंगी साथ में रहेंगी। केंद्रीय जेल में अगर महिला कैदियों को रखने की ज्यादा क्षमता नहीं है तो ज्यादा गिरफ्तारियां क्यों की गई है। नर्सों की गिरफ्तारी कर सेंट्रल जेल परिसर लाया गया, जबकि सेंट्रल जेल में महिला कैदियों को रखने की क्षमता 238 की है। नर्सों की ज्यादा संख्या की वजह से बाकी को जेल परिसर में ही खुले मैदान में रखा गया।

गिरफ्तारी की हर ओर निंदा : हड़ताली नर्सों पर एस्मा लगाकर गिरफ्तारी की हर तरफ निंदा शुरू हो गई है। जनता कांग्रेस प्रवक्ता संजीव अग्रवाल ने कहा, सरकार नर्सों पर एस्मा लगा गिरफ्तारी कर बहादुरी दिखा रही है, तो यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने इसे दमन बताया है। आंदोलन के आलोक शुक्ला ने कहा, आंदोलन कर रही नर्सों को मनाने की जगह उन्हें जेल भेज दिया गया। कई महिलाएं छोटे बच्चों को या तो घर छोडक़र आई हैं अथवा उनके साथ वे भी जेल पहुंच गए हैं।

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गुरुवार रात 8 बजे संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के आदेश पर सीएमएचओ रायपुर डॉ. केएस शांडिल्य ने राजधानी में हड़ताली नर्सों के विरुद्ध आजाद चौक थाने में एफआइआर दर्ज करवाई थी। इसी एफआइआर के बाद पुलिस ने गिरफ्तार की रणनीति बनाई और शुक्रवार की सुबह कार्रवाई की। डॉ. शांडिल्य से संपर्क करने पर उनका कहना है कि शासन से मिले निर्देश पर एफआइआर दर्ज कराई गई है।

नर्स यूनियन की अध्यक्ष देवश्री ने बताया कि जिस जगह पर हम रुके हुए थे। पुलिस वहां सुबह से ही पहुंच चुकी थी। उठते ही किसी को भी संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।


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