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CG News: हादसों पर लगाम लगाने पुलिस ने कसी कमर, वाहनों के बीमा लाइसेंस की होगी जांच

CG News: दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। न्यायमूर्ति ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाएं।

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CG News: हादसों पर लगाम लगाने पुलिस ने कसी कमर, वाहनों के बीमा लाइसेंस की होगी जांच

CG News: सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेटी के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने सड़क सुरक्षा को लेकर समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए 2024 और 2025 के दौरान लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही सुरक्षित आवागमन के लिए ठोस कदम उठाते हुए संबंधित विभागों से दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। न्यायमूर्ति ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने वाले, बिना लाइसेंस वाहन चलाने, बीमा और फिटनेस की जांच करने के निर्देश दिए।

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आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर से मृत्युदर में कमी संभव

न्यायमूर्ति ने कहा कि वाहन चलाते समय संतुलित गति, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, सांकेतिक चिन्हों की पालना नहीं करने और शराब के नशे में वाहन चलाने पर 85 फीसदी हादसे होते हैं। सड़क हादसों को कम करने के लिए सती से ट्रैफिक नियमों का पालन कराए जाए। वहीं हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर सुधारने, घायलों को त्वरित उपचार देने, नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिए विशेष पहल से सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है।

रोजाना 42 हादसे, 20 की मौत, 39 घायल

प्रदेश में रोजाना 42 सड़क हादसों में 20 की मौत और 39 लोग घायल हो रहे हैं। औसतन प्रत्येक हादसे में 50 फीसदी की मौत और 99 फीसदी तक घायल हो रहे हैं। पिछले सवा तीन महीनों में 4000 से ज्यादा हादसों में 1800 से ज्यादा मौत और 3600 से ज्यादा घायल हो चुके हैं। यह आकडा़ अब तक हुए कुल हादसों से 1400 ज्यादा है। न्यायामूर्ति ने सड़क हादसों की समीक्षा करते हुए बताया कि भारत की तुलना में जापान, जर्मनी और अमरीका में होने वाली सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर काफी कम है।

सड़कों के ब्लैकस्पॉट ठीक करने के निर्देश

न्यायामूर्ति ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे सड़क सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। साथ ही एनएचएआई, ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन, नगर निगम आयुक्तों से भी सड़क सुरक्षा के संबंध में उठाए गए कदम के बारे में चर्चा की। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी(सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सड़क सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही बताया कि ब्लैक स्पॉट को लगातार ठीक किया जा रहा है। इस समय करीब 95 ब्लैक स्पॉट है इसमें से अधिकांश को ठीक कर लिया गया है।