
नतीजों से पहले कांग्रेस के प्रमोद दुबे मानी हार, कहा- जनादेश का सम्मान करता हूं
रायपुर. आज 17 वीं लोकसभा (Chhattisgarh Lok Sabha Results 2019) के लिए हुए चुनाव की मतगणना जारी है। रायपुर सीट पर कांग्रेस लगातार पिछड़ती जा रही है। अभी तक मिले अपडेट के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से आगे चल रहे है। वोटों का बढ़ता फासला देखकर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे ने फैसला आने से पहले ही हार मान ली। वह मतगणना स्थल से वापस लौट चुके है। उनके चेहरे पर निराशा साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं जनादेश का सम्मान करता हूं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सीट पर 2 मेयर (chhattisgarh lok sabha election 2019 candidates) आमने-सामने थे। कांग्रेस ने इस सीट से वर्तमान मेयर प्रमोद दुबे को मैदान में उतारा था तो वही भाजपा ने पूर्व मेयर सुनील सोनी को टिकट दिया था। रायपुर की सीट पर भाजपा का दबदबा है। रमेश बैस पिछले 7 बार से सांसद रह चुके है। इस बार भी बीजेपी यहां अपना इतिहास दोहराती हुई नजर आ रही है।
छत्तीसगढ़ में अभी तक सरगुजा और बस्तर सीट के नतीजे आ चुके है। जिसमे से एक सरगुजा बीजेपी और बस्तर में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। जबकि बाकि 9 सीटों में से 8 में बीजेपी आगे चल रही है।
छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से एक रायपुर सीट (chhattisgarh lok sabha seat)सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। आजादी के बाद 1952 से अब तक यहां कुल 16 चुनाव संपन्न हुए हैं। 1999 तक यह लोकसभा सीट मध्य प्रदेश के अंतर्गत आती थी। साल 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होने के बाद बने छत्तीसगढ़ के अंतर्गत आने के बाद यहां से तीन लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। 1952 और 1957 में निर्वाचन क्षेत्र के लिए दो सीटें थीं, इसलिए प्रथम और द्वितीय उम्मीदवार दोनों को विजेता घोषित किया गया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी विद्या चरण शुक्ला ने इस निर्वाचन क्षेत्र से दो कार्यकाल जीते। बीजेपी के रमेश बैस पिछले बार के चुनावों में यहां से 7 बार जीत चुके हैं. उन्हें केवल 1991 में हार का मुंह देखना पड़ा था और 1996 से 2014 तक लगातार छह बार जीत दर्ज की है।
2004 में 50.30 फीसदी वोटिंग हुई
बहुमत- 1,29,529
2009 में 47.00 फीसदी वोटिंग हुई
बहुमत- 57,901
बहुमत- 1,71,646
- 24 जनवरी 2011 से अभी तक रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर रहे।
- इसके बाद 2015 चुनावों में वे महापौर पद पर चुनाव लड़े और पहली पारी में विजयी हुए।
Published on:
23 May 2019 06:01 pm
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