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क्रमोन्नति या समयमान वेतनमान? छत्तीसगढ़ के 4.7 लाख कर्मचारियों को 9 जुलाई तक करना होगा चयन

Chhattisgarh Employee Salary Rules: वेतन संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 4.7 लाख कर्मचारियों को क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान में से किसी एक का चयन करने का अवसर दिया है।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 19 Jun 2026, 2:36 PM IST

Chhattisgarh Employee Salary Rules

सरकारी कर्मचारियों के वेतन नियमों में बड़ा बदलाव (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Promotion Pay Scale:छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने वेतन संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कर्मचारियों को क्रमोन्नति वेतनमान (Kramonnati Pay Scale) और समयमान वेतनमान (Time Scale Pay Scale) में से किसी एक योजना का चयन करने का अवसर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय राज्य के करीब 4.7 लाख कर्मचारियों को प्रभावित करेगा।

सरकार के निर्देशानुसार 31 मार्च 2026 तक नियुक्त सभी नियमित कर्मचारियों को आगामी 9 जुलाई 2026 तक अपना विकल्प प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों को तय समय सीमा के भीतर यह बताना होगा कि वे क्रमोन्नति वेतनमान योजना का लाभ लेना चाहते हैं या समयमान वेतनमान योजना का।

विकल्प नहीं देने पर क्या होगा?

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तिथि तक अपना विकल्प प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे स्वतः ही क्रमोन्नति वेतनमान योजना के अंतर्गत माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों के लिए अलग से कोई दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अलावा, कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प अंतिम माना जाएगा। एक बार विकल्प जमा करने के बाद भविष्य में उसमें किसी प्रकार का संशोधन या परिवर्तन करने की अनुमति नहीं होगी। इसलिए कर्मचारियों को अपने हितों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है।

भविष्य के वेतन लाभ इसी चयन पर होंगे निर्भर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को भविष्य में मिलने वाले सभी उच्चतर वेतनमान और वेतन संबंधी लाभ उनके द्वारा चुने गए विकल्प के आधार पर ही निर्धारित किए जाएंगे। यानी अभी किया गया चयन कर्मचारियों की लंबी अवधि की वेतन संरचना और आर्थिक लाभों को प्रभावित करेगा।

नए कर्मचारियों के लिए नहीं होगा विकल्प

राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था लागू की है। ऐसे कर्मचारियों को क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के बीच चयन का अधिकार नहीं मिलेगा। उन्हें सीधे समयमान वेतनमान योजना का लाभ दिया जाएगा।

कई विशेष क्रमोन्नति योजनाएं होंगी समाप्त

नए आदेश के तहत विभिन्न विभागों में लागू विशेष क्रमोन्नति योजनाओं को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इनमें शिक्षक संवर्ग, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, निर्माण विभाग के उप अभियंता तथा वन विभाग के वन क्षेत्रपाल सहित कई संवर्ग शामिल हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन संवर्गों में लागू विशेष क्रमोन्नति योजनाएं 31 मार्च 2026 के बाद समाप्त मानी जाएंगी। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को वित्त विभाग द्वारा संचालित समयमान वेतनमान व्यवस्था के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार के इस फैसले का असर लाखों कर्मचारियों की सेवा शर्तों और भविष्य के वेतन लाभों पर पड़ने वाला है।