Railway passengers Beware: अगर आप ट्रेन में सफर करने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए! क्योंकि आम यात्रियों जैसा ही सामान की उठाईगिरी करने वाला गिरोह रिजर्वेशन टिकट लेकर ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच में सफर करता है।
रायपुर. Railway Passengers Beware: अगर आप ट्रेन में सफर करने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए! क्योंकि आम यात्रियों जैसा ही सामान की उठाईगिरी करने वाला एक चोर गिरोह रिजर्वेशन टिकट लेकर ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच में सफर करता है। फिर किसी स्टेशन पर बैग, सूटकेस ट्रेन में चढ़ाने या उतारने में मदद करने का भरोसा दिलाकर आपका सामान पार कर दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है। वह अपने साथ मास्टर चाबी और तेज धार छुरी लेकर चलता है। मौका पाते हुए चोरी करता है। रेलवे के सुरक्षा अफसरों का कहना है कि इसी पैटर्न पर ये गिरोह यात्रियों को शिकार बनाता है। कई ट्रेनों में ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है। अभी हाल ही में गीतांजलि स्पेशल ट्रेन के एसी कोच में हुई लाखों की चोरी मामले में सुरक्षा अमले का हाथ गिरोह तक नहीं पहुंचा है।
कोरोनाकाल के इन पंद्रह महीनों में हर स्टेशन और ट्रेनों में पुख्ता चेकिंग व्यवस्था के दावे किए जाते रहे। किसी यात्री को प्लेटफार्म पर एंट्री तभी, जब रिजर्वेशन टिकट कंफर्म हो, वरना वेटिंग होने पर गेट से वापस कर देने की व्यवस्था हर स्टेशन में रेलवे प्रशासन लागू कर रखा है। स्टेशन भी सीसीटीवी कैमरों से लैस है। दावा तो यह भी है कि खुफिया कैमरों के सहारे स्टेशनों के चप्पे-चप्पे पर नजर है। चोरी की घटनाओं में कैमरे के फुटेज के सहारे इस चोर गिरोह तक पहुंचने में सुरक्षा अमले को काफी सहूलियतें होंगी। इन सबके बीच गीतांजलि स्पेशल ट्रेन के एसी कोच से हुई लाखों रुपए की चोरी को चार दिन बीतने को हैं। रेलवे सुरक्षा अमले की टीमों के हाथ गिरोह को पकड़ने में खाली है।
अकोला, नागपुर, गोंदिया में डटीं जांच टीम
रेलवे सुरक्षा अफसरों के अनुसार गीतांजलि स्पेशल ट्रेन में चोरी की घटना में चोर गिरोह का हाथ है। इससे पहले भी यह गिरोह कई घटनाएं बैग ट्रेन में चढ़ाने और उतारने में मदद करने के दौरान कर चुका है। गिरोह मुख्य रूप से हरियाणा से झारखंड तक काफी सक्रिय था और भिलाई, दुर्ग, बालोद में इसका अड्डा था। गिरोह के कई साथी पकड़े जाने के बाद बीच में ठंडा पड़ गया था। गीतांजलि ट्रेन में तीन से चार युवाओं 25 से 30 वर्ष के थे, जिन्होंने यात्री के बैग को बाहर निकलवाने में मदद की थी। ये किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़े कैमरे और रिजर्वेशन चार्ट से जांच की जा रही है। जिला पुलिस की क्राइम ब्रांच भी लगी हुई है।
रायपुर जीआरपी टीआई आरके बोरझा ने कहा, रेलवे के अलग-अलग सेक्शन के स्टेशनों में जांच टीमें सुराग लगा रही हैं। जीआरपी की दो टीमें अकोला, नागपुर और गोंदिया में लगी हैं। अभी पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है। लेकिन, यह तय है कि इस चोर गिरोह ने ही गीतांजलि ट्रेन में चोरी की घटना को अंजाम दिया। क्योंकि इसी पैटर्न पर कई घटनाएं सामने आई हैं। उस हिसाब से जांच चल रही है।