
Railway Station Security: राजधानी के रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई है। यहां हर 15 मिनट में एक ट्रेन आती और जाती है, जिसके चलते यहां 40 हजार यात्रियों की हर दिन आवाजाही रहती है। इसके बाद भी मुख्य द्वार पर एक भी पुलिस वाले दिखाई नहीं देते। टिकट की जांच की भी पुख्ता व्यवस्था तक नहीं है। सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले इस कदर लापरवाह है कि बगैर सामान स्कैनर के ही लोग मुख्य द्वार से आराम से निकल जाते है। रेलवे स्टेशन का विस्तार मॉडल स्टेशनों के अनुरूप किया गया है। इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर बेपरवाही का आलम यह है कि यहां बने तीनों प्रवेश गेट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है।
प्रवेश गेट पर एक भी पुलिस कर्मी नहीं
रेलवे स्टेशन के सामने की तरफ से प्रवेश करने के लिए कुल 3 गेट हैं। वहीं एक गेट गुढि़यारी की तरफ है। पत्रिका टीम दोपहर 2 बजे सुरक्षा व्यवस्था देखने पहुंची, तो सामने के तीनों ही प्रवेश द्वार पर कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखाई दिए। वहीं पीछे की ओर सीढ़ी के नीचे दो और एक सुरक्षाकर्मी ऊपर दिखाई दिया।
लगेज स्कैनर और मेटल डिटेक्टर मशीन भी किसी काम के नहीं
वहीं चारों में से एक ही यात्री प्रवेश द्वार पर सामान को स्कैन करने स्कैनर मशीन लगाया गया है। वह भी किसी काम का नहीं है। सभी यात्री बिना लगेज स्कैन किए ही सामान अंदर ले जा रहे थे। किस व्यक्ति में क्या सामान है क्या नहीं इसकी कोई सुध लेने वाला भी नहीं था। वहीं चारों मेें से तीन प्रवेश द्वार पर लगे मेटल डिटेक्टर भी कई दिनों से खराब पड़ा है, लेकिन इसे भी बदला नहीं जा रहा है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा में सेंध का फायदा कभी असामाजिक तत्वों द्वारा उठाया जा सकता है।
टिकट की जांच भी नहीं
गेट नंबर दो के अलावा किसी भी प्रवेश द्वार पर टिकट जांचने के लिए भी कोई टिकट चेकर नहीं था। हर व्यक्ति ऐसे ही स्टेशन में प्रवेश कर रहा था, जबकि नियम के अनुसार बिना टिकट या प्लेटफार्म टिकट के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाता।
मादक पदार्थ पर लगातार हो रही कार्रवाई, फिर भी नहीं बढ़ी सुरक्षा
रेलवे पुलिस द्वारा लगातार मादक पदार्थ की तस्करी पर कार्रवाई चल रही है। सप्ताह भर पहले ही 4 तस्करों को रेलवे पुलिस ने 49 किलो गांजे के साथ पकड़ा था। इसके बाद भी स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई नहीं जा रही है। चाक-चौबंध की कमीं के चलते ही ये तस्कर भी इतनी बड़ी खेप लाने और दूसरे जगह पहुंचाने में सफल हो जाते हैं।
मॉडल स्टेशन एक नजर में
फैक्ट फाईल
- चार रास्ते प्लेटफार्म पर जाने के लिए,
- 40 हजार यात्रियों की हर दिन आवाजाही
- तीन प्रमुख गेट पर मेटल डिटेक्टर बंद
- बैग स्कैनर मशीन केवल दिखावे की
- दोनों गेट पर सुरक्षाकर्मी नदारद
सामने की ओर गेट नंबर दो पर सुरक्षा जवान मौजूद रहते हैं। हो सकता है जिस समय आप गए हों उस समय वह कहीं गए हों। बल की कमी के चलते बाकी गेट पर जवान नहीं है।
- संजय गुप्ता, कमांडेंट, आरपीएफ, रायपुर रेल मंडल
Published on:
12 Nov 2022 07:58 pm
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