इन दोनों बंगाल टाइगर्स को बीच-बीच में जंगल सफारी मेंं भी लाया जाएगा, ताकि यहां पहुंचने वाले पर्यटक भी उन्हें देख सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एक बार यहां के क्लाइमेट में उनके एडजस्ट होने के बाद उन्हें रोटेशन पर रखा जाएगा। कभी जंगल सफारी, तो कभी नंदनवन जू मेंं इन्हें रखा जाएगा। लेकिन यह सब वारेन टाइम पीरियड के बाद होगा।