बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ में भी सात बार के लोकसभा सांसद रमेश बैस और पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय की पूछ-परख खत्म होती जा रही है। दोनों कद्दावर नेताओं को प्रदेश के कोरग्रुप से बिना सूचना दिए हटा दिया गया है। हालांकि प्रदेश संगठन इस बदलाव को राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय बता रहा है, लेकिन पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में बैस और साय के बारे में किसी प्रकार की बयानबाजी से परहेज की जा रही है।