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बीजेपी नहीं मानती बैस, साय को तुरूप का इक्का, किया कोरग्रुप से बाहर

सांसद रमेश बैस और पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय को प्रदेश के कोरग्रुप से बिना सूचना दिए हटा दिया गया है। प्रदेश संगठन इस बदलाव को राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय बता रहा है।

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Ashish Gupta

Aug 19, 2016

CG unit core group

BJP removes Nandkumar Sai, Ramesh Bais from CG unit core group

रायपुर.
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ में भी सात बार के लोकसभा सांसद रमेश बैस और पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय की पूछ-परख खत्म होती जा रही है। दोनों कद्दावर नेताओं को प्रदेश के कोरग्रुप से बिना सूचना दिए हटा दिया गया है। हालांकि प्रदेश संगठन इस बदलाव को राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय बता रहा है, लेकिन पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में बैस और साय के बारे में किसी प्रकार की बयानबाजी से परहेज की जा रही है।


छत्तीसगढ़ में यह अफवाह जोर पकड़ रही है कि मुख्यमंत्री रमन सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक आलाकमान के इशारे के बाद वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले कोरग्रुप में केवल गंभीर रणनीतिकारों को स्थान देना चाहते हैं। चूंकि बैस और साय गाहे-बगाहे प्रदेश सरकार व संगठन के विरूद्ध सार्वजनिक रूप से अंसतोष जाहिर करते रहे हैं, इसलिए उन्हें पार्टी ने हो-हल्ला किए दरकिनार कर दिया। कहा जा रहा है कि बैस और साय की तरह रवैया रखने वाले अन्य भाजपाई नेताओं का भी यही हाल होने वाला है। पूरी कवायद किसी भी तरह से भाजपा की प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने की है जिसमें पार्टी केवल सकारात्मक रूख रखने वाले नेताओं को ही चुनावी रणनीति तैयार करने का जिम्मेदारी देने का मन बना रही है।


नरेन्द्र मोदी 2014 में पीएम बनने के बाद से ही बैस के मंत्री पद की दावेदारी को अनदेखा कर रहे हैं। अमित शाह ने भी बैस को राष्ट्रीय संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी। बैस की तरह साय को भी मोदी और शाह ने कभी तवज्जो नहीं दी। यही कारण है कि साय को पार्टी ने दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। मोदी और शाह का बैस और साय की तरफ बेरुखी का सबसे बड़ा कारण उनका बड़बोलापन और बढ़ती उम्र बताया जा रहा है।

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