देश के 8वें अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर की फाइलें बीते 4 सालों से ठंडे बस्ते में हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बड़े वन भूभाग को एक साथ मिलाते हुए वन्यप्राणी, पादप प्रजातियां, जनजातीय परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की परिकल्पना के साथ शुरू इस परियोजना के लिए 5 साल पहले वैज्ञानिकों ने सर्वे भी किया। रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने एक साल पहले कार्ययोजना भी बना ली, लेकिन इसके आगे काम नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जब तक केन्द्र सरकार से कोई दिशा निर्देश नहीं मिलता, तब तक आगे कोई काम नहीं होगा।