कुंडली के पंचम भाव को फणकर कहा जाता है। पंचवे घर में स्थित ग्रह, राशि, व पंचम भाव पर पडऩे वाले ग्रहों की दृष्टि व पंचमेश की कुंडली में स्थिति धन को संबोधित करती है। कुंडली के पंचम भाव पर एकादश भाव में स्थित ग्रहों की पडऩे वाली दृष्टि से धन प्राप्ति और स्थूल शरीर के योग पता चलते हैं। जन्मकुंडली के पंचमेश को बलशाली करने से व्यक्ति धनी और खुशहाल बनता है।