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रेलवे की सुस्ती.. टेंडर के साल भर बाद भी वर्क ऑर्डर नहीं, अटका स्टेशन का री-डेवलपमेंट

रेलवे स्टेशन के री डेवलपमेंट को लेकर इंतजार अब लंबा होता जा रहा है। शिलान्यास के दो साल बाद भी रेलवे विभाग अभी तक काम शुरू नहीं कर पाया हैं। पहले फेस का टेंडर हुए एक साल हो गए हैं, लेकिन अब तक वर्क ऑडर नहीं जारी हो सका। इधर सिंहस्थ भी करीब हैं, ऐसे में रेलवे की लेटलतीफी से लोगों में निराशा है।

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खंडवा रेलवे स्टेशन के 347 करोड़ लागत री डेवलपमेंट की घोषणा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी 2024 वर्चुअल शिलान्यास किया था। जिसके बाद रेलवे विभाग खंडवा स्टेशन की डिजाइन सहित निर्माण और टेंडर तैयार में जुट गया। टेंडर जारी होने में देरी को देखते हुए 5 जून को सेंट्रल रेलवे के साथ सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुंबई में मुलाकात कर खंडवा स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को जल्द शुरू करने को कहा था इसके बाद सेंट्रल रेलवे हरकत में आया और 14 जुलाई को टेंडर जारी कर प्रक्रिया शुरू कर दी।

पिछले साल हो गए टेंडर प्रक्रिया

पहले चरण के लिए 92 करोड़ के टेंडर जारी हो गए थे। जिसमें स्टेशन का फ्रंट एरिया को विकसित करने सहित ग्राउंड फ्लोर के साथ 3 मंजिला स्टेशन बिल्डिंग बनना है। साथ ही प्लेटफार्म नंबर 1 से 6 तक नया फूट ओवर ब्रिज जिसपर वेटिंग एरिया, शॉपिंग एरिया, स्टॉल भी बनना हैं लेकिन अब तक टेंडर भी जारी नहीं हो सके।

सिंहस्थ से पहले स्टेशन का विकास महत्वपूर्ण

मध्य रेल क्षेत्रीय समिति सदस्य मनोज सोनी ने बताया कि 2028 में उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ को देखते हुए खंडवा में यात्रियों की भीड़ बढ़ेगी। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भी पहुंचेंगे, इसको देखते हुए स्टेशन का विकास महत्वपूर्ण हो जाता है। टेंडर हुए एक साल होने वाले हैं, लेकिन अभी तक वर्क ऑडर भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर लोगों में निराशा है।

- खंडवा स्टेशन के री-डेवलपमेंट के प्रथम चरण के टेंडर हो गए हैं। मार्च तक वर्क ऑडर जारी हो जाऐंगे। इस संबंध में रेल मंत्री व रेलवे विभाग के अधिकारियों से जल्द ही चर्चा की जाएगी। सिंहस्थ को देखते हुए काम जल्दी शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे की सिंहस्थ के समय श्रद्धालुओं को सुविधा मिले। - ज्ञानेश्वर पाटील, सांसद।