दूसरी तरफ वन विभाग जानवरों के नियंत्रण के लिए बनाई गई अपनी दो योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए शासन की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। सरगुजा से लेकर बिलासपुर वन वृत्त के दर्जनों गांवों में ग्रामीणों और महुआ बीनती महिलाओं पर हाथियों का कहर मौत बनकर टूट रहा है। सिर्फ अप्रैल और मई माह में ही बिलासपुर व अंबिकापुर संभाग में वन्य जीवों के हमले में 15 ग्रामीणों की जान गई है। हाथियों ने लाखों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। वन्य जीवों के हमले की वजह से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। वे रात-रात भर आग जलाकर हाथी, भालू व तेदुए से सुरक्षा कर रहे हैं। दिन में भी ग्रामीणों के बच्चे घर के बाहर नहीं खेल पा रहे हैं।