
Raipur Master Plan 2031: मास्टर प्लान 2031 को लेकर लोगों की शिकायतें थीं, उसे जांच के नाम पर मंगा लिया गया। जांच समिति ने उन शिकायतों की जांच की और उसके समाधान के सुझाव देते हुए नगर निवेश विभाग को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट यहां से आगे नहीं जा रही। दूसरी ओर मास्टर प्लान 2031 का प्रकाशन हो गया था, उसे अब लागू कर दिया गया है। उसी के अनुसार विकास कार्य किए जा रहे हैं। इससे सवाल उठने लगा है कि मास्टर प्लान में हुई गड़बड़ियों का अब क्या होगा?
उल्लेखनीय है कि मास्टर प्लान बनाते समय कुछ रसूखदारों, बिल्डरों, नेताओं और अफसरों लाभ पहुंचाने के लिए जमकर मनमानी की गई थी। कहीं तालाबों को आवासीय कर दिया गया, तो कहीं जमीनों लैंड यूज ही बदल दिया गया। बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए उस इलाके में रोड निकाल दिया गया, तो कहीं मनोरंजन-सार्वजनिक प्रयोजन की जमीनों को लेकर भर्राशाही की गई थी।
इसका खुलासा तब हुआ, जब भाजपा आरटीआई सेल ने इस मामले की जांच की और रिपोर्ट आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को सौंपी। इन शिकायतों की जांच के लिए मंत्री की घोषणा के बाद जांच समिति बनाई गई थी। समिति ने 6 बिंदुओं पर जांच करके अंतिम रिपोर्ट मंत्रालय में नगर निवेश विभाग को सौंप दिया है।
शहर के सुनियोजित विकास के लिए बने मास्टर प्लान 2031 में अफसरों और नेताओं ने जमकर गड़बड़ियां की हैं। इसको लेकर करीब 150 शिकायतें मिली थी। इन शिकायतों की जांच की गई। इसके बाद इसके निराकरण संबंधी सुझाव देते हुए समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट नवंबर-दिसंबर में सौंप दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर निर्णय सरकार को लेना है।
मास्टरप्लान में किए गए प्रावधान कई बार पूरे नहीं हो पाते हैं। मास्टर प्लान 2021 के कई काम अधूरे पड़े हैं। ये काम आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड, रिंग रोड सड़कों सहित 70 सड़कें बननी थी, जिसमें से 12 सड़कों पर ही काम हो पाया है। 43 फीसदी सड़कों का चौड़ीकरण नहीं हुआ। शहर में गार्डन, मॉल और आक्सीजोन जैसे कई प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए।
हमने अपनी जांच रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। इसमें करीब 150 शिकायतें आई थीं। इनकी जांच करके वरिष्ठ अफसरों को सौंप दिया गया है। मास्टर प्लान 2031 चल रहा है। - विनित नायर, संयुक्त संचालक, रायपुर
Published on:
04 Jan 2025 10:08 am
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