
ये क्या.... प्रदूषण बढ़ाने 16 साल पुराने गाड़ियों के साथ ये करना चाहती है जिला प्रशासन !
रायपुर। कलेक्टोरेट कार्यालय से 16 साल पुरानी टाटा इंडिका और 11 साल पुरानी स्कार्पियों बेचने के लिए निविदा जारी की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि परिवहन विभाग एक तरफ कंडम वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है। दूसरी ओर जिले के कंडम वाहनों को बेचने की कार्रवाई कर रहा है। फिटनेस जांच करने के लिए टीम बनाई जा चुकी है।
कलेक्टोरेट से 8 नवंबर को निविदा जारी की गई थी। जिसके लिए 23 नवंबर तक आवेदन करने की तिथी तय की गई है। बतादें कि देश के कई राज्यों ने तय किया है कि वाहनों के कारण बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुराने वाहनों को बंद करने को कहा गया है। बिहार और बंगाल ने बढ़ रहे प्रदूषण के मद्दे नजर शासकीय कार्यालयों मे चलने वाले 15 साल पुराने वाहनों पर रोक लगा दी है।
सैकड़ों वाहन हो रहे है कबाड़
कलेक्टोरेट के अलावा स्वस्थ्य विभाग समेत दर्जनों विभागों में इसी तरह के वाहन कबाड़ हो रहे हैं। कलेक्टोरेट से निविदा जारी कर दो वाहनों को बेचने की प्रक्रिया की जा रही है। अन्य विभागों से इसी तरह की निविदाएं जारी की जा रही हैं।
सड़क पर दौड़ाना पड़ेगा महंगा
15 साल पुराने वाहनों का हर छह माह में फिटनेश करवाने को नियम केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने जारी किया है। इस आदेश के बाद से वाहन मालिक को फिटनेश प्रमाण पत्र लेने के लिए साल में दो बार आरटीओ के चक्कर काटने पड़ेंगे।
वर्जन
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय का आदेश था कि 15 वर्ष पुराने वाहनों को सड़क से बाहर किया जाएगा। जिसपर हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। इसलिए अब रोक नहीं है। 15 वर्ष पुराने वाहनों की निविदा जारी की जा सकती है।
शैलाभ साहू, आरटीओ, रायपुर
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Updated on:
11 Nov 2019, 8:43 PM IST
Published on:
11 Nov 2019, 8:40 PM IST
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