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रायपुर SP का बड़ा एक्शन, महिला उत्पीड़न केस में लापरवाही पर SI को किया सस्पेंड

Dharsiwa Case: रायपुर के धरसीवां क्षेत्र में नाबालिग से कथित गैंगरेप मामले की जांच में लापरवाही पर सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण एसपी ने यह कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मांगी है।

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Police Officer Suspended

Police Officer Suspended(photo-patrika)

Police Officer Suspended: छत्तीसगढ़ के रायपुर के धरसीवां क्षेत्र में नाबालिग से गैंगरेप मामले को लेकर पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने निलंबन आदेश जारी करते हुए मामले की प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच तेज कर दी गई है।

Police Officer Suspended: जांच में लापरवाही पर गिरी गाज

जारी आदेश के अनुसार, थाना धरसीवां अंतर्गत चौकी सिलयारी में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले की जांच के दौरान उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे द्वारा घोर लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। इसे पुलिस विभाग ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील मामलों में जांच की गुणवत्ता और समयबद्ध कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

SP ने जारी किया निलंबन आदेश

रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट

मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में भी गरमाया मामला

नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने भी इसे लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष लगातार मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। इसी बीच पुलिस अधिकारी के निलंबन को प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संवेदनशील मामलों में जवाबदेही तय करने का संदेश

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य

फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।