मात्राओं की अशुद्धियों के असर का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि सरगुजा में एक जाति खैरवार है, जिसे खरवार और खेरवार भी कहा जाता है। खैरवार को तो अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है लेकिन खरवार और खेरवार को यह दर्जा नहीं मिला है। यही हाल पठारी और पथारी के बीच का है। सांवरा जाति के साथ भी यही हुआ। अंग्रेजी में इन्हें सन्वारा पढ़ा जाता है। जो अधिसूचना जारी कि गई है उसके हिसाब से परधान, पठारी और पबिया को तो अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है, लेकिन अभिलेखों में जो प्रधान, पथारी या पबिहा नाम से जाने जाते हैं, उन्हें यह अधिकार प्राप्त नहीं है ।