
ये हैं शहर के जूनियर साइंटिस्ट
ताबीर हुसैन @ रायपुर. स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के मकसद से इंस्पायर अवॉर्ड प्रोजेक्ट के तहत आइडियाज मंगवाए जाते हैं। सिटी के 2 स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट का सलेक्शन किया गया है। मोनिका पटेल ने वेट डिवाइडर तैयार किया गया है जिससे यात्रा आसान होगी। अदित सिंह ने काढ़ा गिलास बनाया है। जिसमें स्टेविया की परत लगाई गई है। यह काढ़े में भी मिठास ले आएगा।
वेट डिवाडर का मल्टीपल यूज
रावांभाठा सरकारी स्कूल की आठवीं की छात्रा मोनिका पटेल ने वेट डिवाइडर बनाया है। लकड़ी की पट्टी,बैग में लगने वाला बेल्ट और ट्रॉली बैग वाले 2 चक्के की मदद से तैयार इस प्रोजेक्ट से सफर आसान होगा। पहला इस्तेमाल यह है कि कुली या मजदूर किसी वजनी सामान को कंधे पर रख सकते हैं जिससे सिर में दबाव महसूस नहीं होगा। या कहें सिर पूरी तरह सेफ रहेगा। इसे ट्रॉली बैग की तरह उपयोग में लाया जा सकता है। इसे स्कूल बैग की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
काढ़े को देखकर बच्चे नहीं बनाएंगे मुंह
डीपीएस में सातवीं के छात्र अदित ने कुदरती तौर पर मीठी पत्ती स्टीविया का उपयोग गिलास में किया है। कोविड के दौरान काढ़े की डिमांड बढ़ गई है। लेकिन बच्चे कड़वे काढ़े को पीने में मुंह बनाते हैं। इसे देखते हुए अदित ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। कागज के गिलास में स्टीविया पाउडर के घोल की परत लगाई है। एक निश्चित तापमान में गर्म काढ़े को डालते ही यह घुलने लगेगा औऱ काढ़े में मिठास आ जाएगी। बच्चे आसानी से पी सकेंगे। इसकी कॉस्ट 12 से 15 रुपए है लेकिन ज्यादा मात्रा में बनाने पर 4 से 5 रुपए हो सकती है। गिलास को कार्टून से कवर किया है ताकि पकडऩे में गर्म न लगे। यह अदित की मम्मी ने बताया कि इसे साइंस में बहुत ज्यादा रुचि है। जिसे देखते हुए हमने प्रेरित किया।
Published on:
23 Jan 2022 01:06 pm
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