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मान्यता तो मिली, पर क्या 8 डॉक्टर 100 बच्चों को दे पाएंगे मेडिकल की शिक्षा

किसी तरह शासन ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता दिला दी, लेकिन अब कॉलेज में फैकल्टी की चिंता है

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Chandu Nirmalkar

Jun 22, 2016

medical college

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नारद योगी. रायपुर.
किसी तरह शासन ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता दिला दी, लेकिन अब कॉलेज में फैकल्टी की चिंता है। मेडिकल कॉलेज के लिए डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। करीब माहभर पहले डॉयरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) ने कॉलेज के लिए डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी।


52 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इनमें अब तक केवल 8 डॉक्टरों ने ज्वॉइनिंग दी है। बाकी डॉक्टरों ने रुचि नहीं दिखाई है। इससे कॉलेज के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को पिछले सप्ताह ही मान्यता मिली है। कॉलेज 100 सीटों के साथ शुरू होगा।


राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भी कमी

राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज पिछले साल शुरू हुआ है। कॉलेज में अब तक सभी डिपार्टमेंट पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाए हैं। क्लीनिकल के कई विभागों में दर्जनभर से अधिक डॉक्टरों की कमी है। गॉयनीकोलॉजी, सर्जरी डिपार्टमेंट में प्रोफेसरों की ज्यादा कमी है।


शासन स्तर पर होगी पहलभर्ती के जरिए डॉक्टर नहीं आने पर शासन स्तर से प्रयास किया जाएगा। इस स्थिति में बड़े मेडिकल कॉलेजों से फैकल्टी का स्थानांतरण अंबिकापुर के लिए किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि रायपुर मेडिकल कॉलेज में कई विभाग एेसे हैं, जहां दो-दो प्रोफेसर हैं।


सौ से अधिक की है जरूरत

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए शासन ने डॉक्टरों के 105 पद स्वीकृत किए हैं। यह एमबीबीएस के प्रथम वर्ष की पढ़ाई और अस्पताल में उपचार के लिए आवश्यक है। अंबिकापुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों को भी इसमें समाहित किया गया है। इससे 18 रेसीडेंस और 35 फैकल्टी डॉक्टर पहले से हैं। पिछले दिनों 52 पदों की भर्ती निकाली गई थी, जिसमें 8 ने ज्वॉइन कर लिया है। इस तरह वर्तमान में कुल 61 डॉक्टर हैं।


आवेदक बढऩे की संभावना

मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का मानना है कि कॉलेज की मान्यता को लेकर असमंजस की स्थिति थी। इस वजह से कई डॉक्टरों की रुचि नहीं थी। मान्यता मिलने के बाद अब डॉक्टर यहां ज्वॉइन करने में रुचि लेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉक्टरों के ५२ पदों में भर्ती की प्रक्रिया दो माह से चल रही है। अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इसकी वजह आवेदकों की संख्या कम होना है।


विद्यार्थियों की लगी है नजर

अंबिकापुर राज्य में रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़, राजनांदगांव के बाद यह छठा सरकारी मेडिकल कॉलेज है। इसमें शिक्षण शुल्क निजी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले बहुत कम रहता है। इस कारण ये कॉलेज विद्यार्थियों की प्राथमिकता में रहते हैं। इसके चलते अंबिकापुर कॉलेज में प्रदेश के कई विद्यार्थियों की नजरें लगी हैं। खासकर बस्तर, सरगुजा इलाके के विद्यार्थियों के लिए बड़ी सुविधा है।


अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डॉक्टरों की कमी होगी, तो दोबारा भर्ती की जाएगी। 250 डेमोंस्ट्रेटरों की भी नियुक्ति की जा रही है।

डॉ. एके चंद्राकर, डीएमई, रायपुर
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