छत्तीसगढ़ का उदय 16 साल पहले हुआ। सिर्फ तीन साल को छोड़कर बाकी समय रमन राज के रहे हैं। सवाल है, क्या यह प्रदेश बुनियादी सुविधाओं और समृद्धि में मजबूत खड़ा हो पाया? तमाम दावे-प्रतिदावों के बीच विकास को लेकर बहुत सारे सवाल जनता के दिलो-दिमाग में हैं। समकालीन बने झारखंड और उत्तराखंड की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार संतोषजनक रही है। हमने सरप्लस एनर्जी, कोर सेक्टर में भरपूर निवेश, सड़क नेटवर्क विस्तार और शहरी सुविधाओं को लेकर ठीक-ठीक तरक्की की। लेकिन, विकास की इस धारा में गांवों और शहरों के मध्य असमानता की खाई गहरी हो रही है।