अंध श्रद्धा निर्मलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्रा के अनुसार प्रदेश में टोनही प्रताडऩा के मामलों में यह देखा गया है कि कभी भी सभ्रांत और सामथ्र्यवान परिवार की महिलाओं पर टोनही होने का आरोप नहीं लगाया गया है। जबकि गरीब,असहाय, विधवा, निराश्रित, वृद्ध महिलाएं ही टोनही प्रताडऩा का शिकार हुई हैं। समाज के कथित बदनियत लोगों के द्वारा कमजोर महिलाओं को टोनही बता दिया जाता है। टोनहीं मामलों की पड़ताल से यह साबित होता है कि महिलाओं पर लगे आरोप अंधविश्वास या निजी स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए लगाए गए हैं। जमीन जायदाद हड़पने या गलत मंशा को पूरा करने के इरादे से भी महिलाओं को टोनही बता दिया जाता है।