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बारनवापारा अभयारण्य में कुलांचे भरेंगे दुर्लभ काले हिरण

पर्यटकों को आकर्षित करने पहली बार 14 काले हिरण छोड़े गए

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बारनवापारा अभयारण्य में कुलांचे भरेंगे दुर्लभ काले हिरण

बारनवापारा अभयारण्य में कुलांचे भरेंगे दुर्लभ काले हिरण

रायपुर. बारनवापारा अभयारण्य में अब काले हिरण (ब्लैकबग) का झुंड कुलांचे भरते हुए दिखाई देगा। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से स्वीकृति मिलने के बाद वन विभाग द्वारा प्रथम चरण में 14 हिरणों को जंगल में छोड़ा गया है। साथ ही उनके लिए 25 हेक्टेयर क्षेत्र को सुरक्षित रखा गया है। यहां हरा चारा, पानी और रहवास क्षेत्र बनाए गए हैं। ताकि विचरण के बाद इस क्षेत्र के आसपास वह रह सके। वहीं शिकारियों से बचाने के लिए वन विभाग की टीम को निगरानी करने कहा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्दी ही अन्य हिरणों को जंगलों में छोड़ा जाएगा। लंबे समय तक बाड़े में रखने के बाद जंगल में छोड़े गए हिरणों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बता दें कि 2019 में दिल्ली और कानन पेंडारी से करीब 50 काले हिरणों को बारनवापारा अभयारण्य में लाया गया था। इस दौरान उन्हें 5 हेक्टेयर का बाड़ा बनाकर रखा गया है। इस समय इनकी संख्या 74 हो गई है। बारनवापारा जाने वाले पर्यटक इन्हें देखने के लिए जरूर जाते हैं।
राजस्थान में सर्वाधिक संख्या
देशभर में सबसे ज्यादा काले हिरण राजस्थान में पाए जाते हैं। छत्तीसगढ़ में विलुप्ति की कगार पर पहुंचने के कारण इन्हें बाड़े रखा गया था। इस दौरान उनके संरक्षण संवर्धन के साथ ही अनुकूल वातावरण में ढालने के लिए वन विभाग की टीम की तैनाती की गई थी। ताकि जंगल में छोड़े जाने पर किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही स्वछंद वातावरण में उन्हें विचरण करते हुए देखा जा सके। बता दें कि बारनवापारा अभयारण्य 245 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे 1972 में अभयारण्य घोषित किया गया।