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Republic day 2023: रायपुर में महामहिम तो बस्तर में CM बघेल ने फहराया तिरंगा

Republic day 2023: आज 26 जनवरी को पूरा भारत देश 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था, इस वजह से हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस(Republic Day ) के रूप में मनाया जाता है।

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राजयपाल ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राजयपाल ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

Republic day 2023: आज 26 जनवरी को पूरा भारत देश 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था, इस वजह से हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस(Republic Day ) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को पूरे भारत में राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी पूरे हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस(Republic day) मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में स्थित स्कूल, कार्यालय, इत्यादि में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

राजभवन में राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण
राज्यपाल अनुसुईया उइके(Governor Anusuiya Uikey) ने 74वें गणतंत्र दिवसस(Republic day) के अवसर पर आज सुबह राजभवन में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उनके परिजनों तथा बच्चों को गणतंत्र दिवसस(Republic day) की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने बच्चों को चॉकलेट भी बांटे।

समारोह में राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, राज्यपाल के उपसचिव दीपक अग्रवाल, एडीसी द्वय विवेक शुक्ला तथा मेजर सिद्धार्थ सिंह सहित राजभवन सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे। राजभवन में आयोजित परेड का नेतृत्व परेड कमाण्डर सौरभ उइके ने किया।

बस्तर में सीएम बघेल ने फहराया तिरंगा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(CM Bhupesh Baghel) ने गणतंत्र दिवस (Republic day) के अवसर पर आज जगदलपुर के लाल मैदान में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हलबी और छत्तीसगढ़ी में संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, हमर भारत के सबले बड़े तिहार, गणतंत्र दिवस के बेरा म हमर सियान मन ल, दाई-दीदी मन ल, भाई-बहिनी- संगवारी अउ नोनी-बाबू मन ल जय जोहार!

आज हमर संविधान के जय-जयकार करे के दिन हवय। आज जम्मो रहवइया मन, जम्मो मनखे मन के घलोक जय-जयकार करे के दिन हे। काबर के गणतंत्र के बिचार म जम्मो मनखे के अधिकार समाय हवय। इही हमर संविधान के खूबसूरती हे जेखर बर हमर पुरखा मन सहादत दीन अउ अंगरेज मन ल खदेड़ के हमन ल आजादी दिलाइस। ओखर पाछू अइसन संविधान बनाइन जेला खुद ‘हम भारत के लोग’ मन ह, खुद ल अरपित करे हन। याने के हर मनखे के संविधान हे जेखर सेती मतदाता मन के वोट ले सरकार बनथे। अइसन संविधान अउ लोकतंत्र ल बचाय के जिम्मेवारी अब हमर अउ अवइया पीढ़ी के हवय।

क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस?
संविधान सभा(constituent Assembly) की पहली बैठक सोमवार 9 दिसंबर 1946 को सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। इसमें 210 सदस्य उपस्थित थे। 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया। जो अंत तक इस पद पर बने रहे थे। 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू(Pandit jawaharlal nehru) ने भारतीय संविधान का उद्देश्य प्रस्ताव सभा में पेश किया था। जो 22 जनवरी 1947 को पारित किया गया था।