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RERA violation in CG: रेरा पंजीयन के बिना धड़ल्ले से जमीन की खरीदी-बिक्री, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

RERA violation in CG: (रेरा) में पंजीयन अनिवार्य होने के बावजूद राजधानी रायपुर सहित पूरे जिले में बिना पंजीयन जमीन, मकान और फ्लैट की खरीदी-बिक्री खुलेआम की जा रही है।

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RERA violation in CG: रेरा पंजीयन के बिना धड़ल्ले से जमीन की खरीदी-बिक्री, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां(photo-patrika)

RERA violation in CG: रेरा पंजीयन के बिना धड़ल्ले से जमीन की खरीदी-बिक्री, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां(photo-patrika)

RERA violation in CG: रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हर कार्य के लिए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में पंजीयन अनिवार्य होने के बावजूद राजधानी रायपुर सहित पूरे जिले में बिना पंजीयन जमीन, मकान और फ्लैट की खरीदी-बिक्री खुलेआम की जा रही है। शहर के आउटर इलाकों में बड़ी-बड़ी कालोनियां खड़ी हो रही हैं, जहां बिना रेरा पंजीयन के प्लॉटिंग कर जमीन और मकान बेचे जा रहे हैं।

RERA violation in CG: सोशल मीडिया के जरिए हो रहा अवैध कारोबार

जमीन कारोबार से जुड़े बिल्डर और दलाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म-यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक-के जरिए ऑनलाइन विज्ञापन कर खरीदी-बिक्री कर रहे हैं। इससे कई प्रोजेक्ट रेरा के संज्ञान में नहीं आ पाते और बिल्डर-दलाल मोटी कमाई कर रहे हैं। इसका सीधा नुकसान आम खरीदारों को उठाना पड़ रहा है, जो बाद में कानूनी पचड़ों में फंस जाते हैं।

रेरा की सख्ती, अपंजीकृत प्रोजेक्ट्स पर कार्रवाई शुरू

छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने बिना पंजीयन निर्माण कार्य शुरू करने वाले बिल्डरों और प्रोजेक्ट्स पर सख्ती तेज कर दी है। ऐसे प्रोजेक्ट, जो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत तो हैं, लेकिन रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेरा की ओर से संबंधित प्रोजेक्ट संचालकों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

सात साल में 136 प्रोजेक्ट्स की स्वतः जांच

रेरा की रजिस्ट्रार आस्था राजपूत ने बताया कि बीते सात वर्षों में प्राधिकरण ने 136 ऐसे प्रोजेक्ट्स की स्वतः संज्ञान में लेकर जांच की, जिनमें पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद इन प्रोजेक्ट्स पर भारी जुर्माना लगाया गया और संपत्तियों की खरीदी-बिक्री पर रोक भी लगाई गई। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि फ्लैट, प्लॉट, विला या कमर्शियल यूनिट खरीदने से पहले रेरा की वेबसाइट पर जाकर यह जरूर जांच लें कि संबंधित प्रोजेक्ट पंजीकृत है या नहीं।

106 अपंजीकृत प्रोजेक्ट्स चिन्हित

प्रारंभिक पड़ताल में रेरा ने 106 ऐसे प्रोजेक्ट्स चिन्हित किए हैं, जहां बिना रेरा पंजीयन के निर्माण या बिक्री शुरू कर दी गई। कई प्रोजेक्ट्स में ब्रोशर में किए गए वादों के अनुरूप निर्माण नहीं हुआ या समय पर काम पूरा नहीं किया गया।
रेरा अब ऐसे बिल्डरों को ब्लैकलिस्ट करने, पंजीयन रद्द करने और कई गुना आर्थिक जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में जुटा है।

दो भूमि स्वामियों पर 5 लाख का जुर्माना

इसी महीने रेरा ने रायपुर के दो भूमि स्वामियों गोवर्धन और रामानुज पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। दोनों पर आरोप है कि वे ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन के नाम से बिना वैध रेरा पंजीकरण के प्लॉटिंग, विज्ञापन और विक्रय कर रहे थे। यह रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है।

बिना पंजीयन विज्ञापन और बिक्री गंभीर अपराध

रेरा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, विज्ञापन या विक्रय गंभीर कानूनी अपराध है। भविष्य में ऐसे मामलों में और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

दलालों की भरमार, खरीदार ठगी का शिकार

छत्तीसगढ़ के हर शहर और कस्बे में जमीन दलालों और एजेंटों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। इनमें से अधिकांश ने रेरा में पंजीयन नहीं कराया है। सोशल मीडिया पर आकर्षक वीडियो और रील बनाकर प्रॉपर्टी बेचने वाले ऐसे अपंजीकृत एजेंटों के कारण खरीदार और विक्रेता दोनों ही ठगी का शिकार हो रहे हैं।

तीन साल की जेल और पांच लाख तक जुर्माने का प्रावधान

रेरा कानून के तहत बिल्डर, जमीन दलाल, एजेंट और प्रॉपर्टी डीलर के लिए पंजीयन अनिवार्य है। पंजीयन नहीं कराने पर तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके बावजूद बेखौफ दलाल बिना पंजीयन जमीन की खरीदी-बिक्री का अवैध कारोबार कर रहे हैं।