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कोरबा। नदी उफान पर थी। गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। सूचना पर डायल 112 की टीम किसी तरह गांव तो पहुंच गई, लेकिन जब महिला को अस्पताल ले जाने की बारी आई तो रास्ते में नदी पार करना बड़ी चुनौती थी। फिर एक खाट को पालकी बनाकर गर्भवती महिला को लेटाकर पार कराया गया। तब जाकर महिला सुरक्षित अस्पताल पहुंची।
मामला कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र पसान से लगे कर्री तुलबुल गांव का है। गांव में रहने वाली एक आदिवासी महिला रविवार को प्रसव पीड़ा शुरु हुई तो परिजनों ने डायल 112 को फोन किया। टीम गांव से करीब डेढ़ किमी पहले पहुंची जहां बम्हनी नदी उफान पर थी। वाहन को नदी किनारे छोड़कर स्टॉफ पैदल चलकर गांव तक पहुंचा। गांव से महिला को डायल 112 और परिजन एक खाट में लेकर नदी के करीब पहुंचे। तब तक नदी का जलस्तर बढ़ चुका था। खाट को फिर पालकी की तरह बनाया गया। पांच लोग पालकी और खाट को पकड़कर नदी को पार कराया गया। नदी पार कराते समय काफी सावधानी बरती गई। नदी पार करने के बाद एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। फिर पांच किमी दूर पसान अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने राहत की सांस ली।
पोड़ीउपरोड़ा सबसे पिछड़ा हुआ, एक दर्जन गांव बारिश में हो जाते हैं पहुंच विहीन
जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अब भी बेहद पिछड़ा हुआ है। अधिक बारिश होने पर एक दर्जन से अधिक गांव और छोटे कस्बे पहुंचविहीन हो जाते हैं। कुछ गांव में बड़े तो कुछ जगह छोटे पुल की जरुरत है ताकि इस सीजन में आने जाने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आबादी कम होने की वजह से बड़े पुल की स्वीकृति भी नहीं मिल रही है।
Published on:
18 Jul 2022 04:54 pm
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