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RSS प्रमुख भागवत की दो टूक, आदिवासी क्षेत्रों में जाकर करना होगा काम

दो दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे भागवत ने दो टूक कह दिया कि उन्हें बस्तर जैसे वनांचल में भीतर घुसकर वनवासी समाज के लिए काम करना होगा।

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RSS Chief Mohan bhagwat

आरएसएस प्रमुख भागवत की दो टूक, आदिवासी क्षेत्रों में जाकर करना होगा काम

रायपुर . आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने पदाधिकारियों को आदिवासी क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने को कहा है। दो दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे भागवत ने दो टूक कह दिया कि उन्हें बस्तर जैसे वनांचल में भीतर घुसकर वनवासी समाज के लिए काम करना होगा। आनुषांगिक संगठनों के साथ रोहिणीपुरम में हुई बैठक में भागवत ने वनवासी क्षेत्रों में काम का ब्योरा भी मांगा। उन्होंने शहरों की मलिन बस्तियों में भी जाकर वहां रह रहे लोगों के उत्थान की दिशा में काम करने को भी कहा। संघ प्रमुख ने कहा, आज परिस्थितियां प्रतिकूल हो रही हैं।

संघ को अनुकूल और प्रतिकूल दोनों परिस्थितियों में समाज और देश के लिए काम करना है। उन्होंने विद्यार्थियों में संघ की ओर रुझान बढऩे की रिपोर्ट पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा, ग्रामीणों क्षेत्रों से भी अच्छे संकेत मिल रहे हैं। संघ प्रमुख रविवार सुबह भगत की कोठी एक्सप्रेस से रायपुर पहुंचे और सीधे रोहिणपुरम स्थित सरस्वती शिक्षण संस्थान गए। यहां दिनभर संघ के ३७ अनुषांगिक संगठनों के साथ उनकी बैठक चली। प्रांतीय पदाधिकारियों के मुताबिक सरसंघ चालक का यह प्रवास वार्षिक कार्यक्रम का हिस्सा है।

जोगी ने भागवत से पूछे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने आजादी के पहले और बाद की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाएं हैं। आरक्षण और संविधान बदलने के मुद्दों को भी जोगी ने प्रमुखता से उठाया है।

टेकाम पर बढ़ा समाज का दबाव
गोंड समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन सिंह टेकाम 15 जनवरी को संघ की प्रमुख की बौद्धिक सभा की अध्यक्षता करने वाले हैं। इससे आदिवासी समाज नाराज हो गया है। समाज अब टेकाम को कार्यक्रम में नहीं जाने के लिए दबाव बना रहा है। हालांकि टेकाम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंच गए थे। इधर, सर्व आदिवासी समाज ने भी संघ प्रमुख के कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया है।

भागवत की नसीहतें
- समय प्रतिकुल है, अब जिम्मेदारी से काम करें।
- गांवों में जाकर जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
- गोबर, गो-मूत्र और देशी गाय पालने के लिए जागरूक करें।
- जात-पात के बीच समाज को बांटने वालों को समझाने का काम करें।
- नाकारात्मकता से दूर रहे और प्रतिकार करने से बचें।
- आदिवासी क्षेत्रों में जाकर काम करें व शहरों की दलित बस्तियों में जाएं।
- संघ की शाखाओं का विस्तार करें।

आज बौद्धिक सभा को करेंगे संबोधित
संघ प्रमुख सोमवार को साइंस कॉलेज मैदान दोपहर 3.45 बजे बौद्धिक सभा को संबोधित करेंगे। इसमें संघ परिवार के अलावा समाज के विभिन्न वर्ग से जुड़े समाज प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।