
RTI से खुली भ्रष्टाचार की पोल! सफाई व्यवस्था में फर्जी नामों से उठ रहा सरकारी पैसा, नगर निगम चल रहा में बड़ा खेल(photo-patrika)
CG Corruption News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नगर निगम जोन-1 में सफाई व्यवस्था के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कन्हैयालाल बाजारी वार्ड-15 में यह घोटाला उजागर हुआ है, जहां एक RTI कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। दस्तावेजों से साफ संकेत मिलते हैं कि सफाई ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि सफाई कर्मियों के आधार कार्ड और हाजिरी रजिस्टर में भारी अंतर है। निगम को सौंपे गए आधार कार्ड में दर्ज फोटो और विवरण, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नामों से मेल नहीं खाते। कई ऐसे नाम भुगतान सूची में शामिल हैं, जो वार्ड में कभी नजर ही नहीं आए। यह साफ दर्शाता है कि फर्जी पहचान के जरिए ‘कागजी कर्मचारी’ तैयार कर वेतन निकाला जा रहा है।
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पार्षद प्रतिनिधि हेमंत कुमार साहू का नाम भी सफाई कर्मचारियों की सूची में शामिल किया गया है। आरोप है कि उनके नाम पर भी भुगतान उठाया गया। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनप्रतिनिधि की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड में कागजों पर 38 सफाई कर्मियों की तैनाती दिखाई गई है, जबकि वास्तविकता में आधे से भी कम कर्मचारी काम करते नजर आते हैं। इसके बावजूद सभी के नाम पर वेतन निकाला जा रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि यह घोटाला संगठित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
वार्ड के नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सफाई ठेकेदार ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी लेबर सिस्टम तैयार किया है। RTI से प्राप्त दस्तावेजों में आधार और कर्मचारी सूची का मिलान नहीं होना इस बात की पुष्टि करता है कि गड़बड़ी सुनियोजित है।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों का कहना है कि आधार कार्ड और कर्मचारी सूची का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे के बाद वार्ड के लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों ने प्रशासन से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
Updated on:
23 Apr 2026 09:24 am
Published on:
23 Apr 2026 09:24 am
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