23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Custom Milling Rice: चावल जमा नहीं किया तो कार्रवाई तय, 74 राइस मिलर्स को नोटिस

Custom Milling Rice: रायपुर में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने को लेकर प्रशासन सख्त। 74 राइस मिलर्स को नोटिस, 30 अप्रैल तक चावल जमा नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट, एफआईआर और बैंक गारंटी से वसूली की चेतावनी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Laxmi Vishwakarma

•

Updated: 25 Apr 2026, 4:59 PM IST

कस्टम मिलिंग में लापरवाही (photo source- Patrika)

कस्टम मिलिंग में लापरवाही (photo source- Patrika)

Custom Milling Rice: रायपुर जिले में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में कीर्तिमान सिंह राठौर ने राइस मिलर्स को स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समय-सीमा के भीतर चावल जमा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि शासन द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है, जिसके बाद किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Custom Milling Rice: 74 राइस मिलर्स को नोटिस, ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

अपर कलेक्टर ने बताया कि डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 74 राइस मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन मिलर्स पर आरोप है कि उन्होंने अनुबंध के अनुसार धान उठाव के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में चावल जमा नहीं किया गया, तो इन मिलर्स को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने के साथ-साथ उनके मिल पंजीयन क्रमांक को ब्लॉक किया जाएगा और सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई भी की जाएगी।

कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में दोषी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।

समीक्षा बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि सूची में शामिल उन 10 राइस मिल्स का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिन पर सबसे ज्यादा चावल जमा करना बाकी है। यदि सत्यापन के दौरान धान की कमी या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित मिलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैंक गारंटी से होगी वसूली

जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जो मिलर्स 30 अप्रैल 2026 तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करेंगे, उनकी राशि की वसूली 1 मई 2026 से बैंक गारंटी के माध्यम से की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शासन को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न हो।

अपर कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और चावल जमा कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में भूपेंद्र मिश्रा सहित खाद्य विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

Custom Milling Rice: प्रशासन का कड़ा संदेश

इस पूरी कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। राइस मिलर्स को स्पष्ट संकेत दिया गया है कि वे नियमों का पालन करें, अन्यथा सख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई के लिए तैयार रहें। रायपुर जिले में यह सख्ती न केवल व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शासन सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए गंभीर है।