
रायपुर . रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी सोमवार को जिस समय रायपुर मॉडल स्टेशन का निरीक्षण कर रहे थे, उसी समय सरस्वती नगर स्टेशन से 500 मीटर की दूरी पर रेल पटरी के दो टुकड़े हो गए। निरीक्षण के दौरान ट्रैकमैन की उस पर नजर पड़ गई। वरना, डाउन लाइन से आ रही बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त होने से नहीं बचाया जा सकता था। इस ट्रेन को आनन-फानन में आमानाका क्रासिंग पर ही रोक दिया गया।
लगभग एक घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई। इससे पहले यात्री घबराकर धड़ाधड़ा उतर गए। सरस्वती स्टेशन को जैसे ही पटरी टूटी होने की सूचना मिली तो बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस को आमानाका क्रासिंग के आसपास ही ट्रेन रोक देने की सूचना दी गई।
कुछ देर बाद जब यात्रियों को पटरी टूटी होने की एक-दूसरे से पता चला तो हड़बड़ाहट में यात्री ट्रेन से उतरने लगे। देखते ही देखते आधे से अधिक बोगियां खोली हो गर्इं। दरअसल बीकानेर एक्सप्रेस डाउन लाइन से रायपुर स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी।इस ट्रेन के पहुंचने का निर्धारित समय सुबह १०.़३० बजे हैं। यह ट्रेन सरस्वती नगर स्टेशन तक पहुंचती, इससे पहले पटरी टूटी होने की सूचना स्टेशन मास्टर को मिल गई थी। वरना, बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था।
बेटे के साथ पिता बाहर, मां ट्रेन में
बीकानेर निवासी भवानी शंकर उपाध्याय अपनी पत्नी व बेटे के साथ रायपुर आ रहे थे। आमानाका क्रॉसिंग पर अधिक समय तक ट्रेन के रुकने व रेलवे अधिकारियों द्वारा गाड़ी चलने का समय न बताने पर वे अपने बेटे के साथ उतरे ही थे कि गाड़ी अचानक से आगे बढ़ गई। इससे उनकी पत्नी ट्रेन में ही छूट गई।
पटरी का लगातार मेंटेनेंस चलता रहता है। टूटने की सूचना नहीं मिली है। इस संबंध में पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
शिव प्रसाद पंवार, सीनियर पब्लिसिटी इंस्पेंक्टर
Published on:
09 Jan 2018 12:50 pm
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