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छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के लिए अच्छी खबर, बर्खास्त 18 शिक्षाकर्मी हुए बहाल

अनिश्चितकालीन आंदोलन करने वाले शिक्षाकर्मियों के लिए अच्छी खबर। सरकार के निर्देश के बाद हड़ताली शिक्षाकर्मियों की बहाली शुरू हो गई है।

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Shikshakarmi

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रायपुर . सरकार के निर्देश के बाद हड़ताली शिक्षाकर्मियों की बहाली शुरू हो गई है। रायपुर जिला पंचायत ने शुक्रवार को हड़ताल के दौरान बर्खास्त 18 शिक्षाकर्मियों को बहाल कर दिया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलेश क्षीरसागर ने धरसीवा, तिल्दा, आरंग और अभनपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को हड़ताल अवधि के दौरान का वेतन देने के भी निर्देश जारी किए हैं।

मालूम हो कि संविलियन सहित 9 सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने वाले शिक्षाकर्मियों पर सरकार ने सख्ती दिखाते हुए बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे। प्रदेश में सबसे पहले बर्खास्तगी की कार्रवाई रायपुर जिले में हुई थी। सोमवार को शाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने पदाधिकारियों को बुलाकर उन्हें बहाली का आदेश सौंपा। इस दौरान कार्तिक गायकवाड़, ताराचंद जायसवाल, धर्मेश शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
इनकी हुई बहाली
जितेन्द्र सिन्हा प्राथमिक स्कूल झांकी, संदीप नागपुरे हाई स्कूल सतभावा, पवन सिंह ठाकुर पूर्व माध्यमिक शाला गिरौद, गुरजीत सिंह हाई स्कूल सांकरा, हरीश दीवान पूर्व माध्यमिक स्कूल खमतराई, धर्मेश शर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला केन्द्री, ताराचंद जायसवाल पूर्व माध्यमिक शाला राखी, गंगासरन पासी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांढर कॉलोनी, भानू प्रताप डहरिया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा, टीकाराम साहू शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा, सुनील कुमार चंद्राकर पूर्व माध्यमिक शाला तांदूल, विमला मरकाम पूर्व माध्यमिक शाला देवदा, लकेश्वर प्रसाद ध्रुव पूर्व माध्यमिक शाला कांगदेही, अनुभा सिंह पूर्व माध्यमिक शाला लखौली, नीलकण्ठ वर्मा पूर्व माध्यमिक शाला कन्हेरा, मदन लाल देवांगन प्राथमिक शाला रैता, आयुष पिल्ले प्रथामिक शाला डुण्डा और चंद्रकांत कन्नौजे पूर्व माध्यमिक शाला निमोरा।

...रुका 90 शिक्षाकर्मियों का वेतन
छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा और केदार जैन का आरोप है कि वेतन का आवंटन नहीं होने की वजह से प्रदेश के करीब 90 हजार शिक्षाकर्मियों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग से मांग की है कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत नवम्बर और दिसम्बर के वेतन का आवंटन किया जाए।

वेतन का आवंटन नहीं होने से रायगढ़, महासमुंद, धमतरी, कोरिया, बालोद, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव, बिलासपुर , रायपुर, दुर्ग सहित कई अन्य जिलों में वेतन का भुगतान लंबित है। इससे शिक्षकार्मियों में नाराजगी और आक्रोश है। मोर्चा के पदाधिकारियों का यह भी आरोप है कि शासन के आदेश के बावजूद करीब 60 हजार शिक्षाकर्मियों को हड़ताल अवधि का वेतन नहीं मिल सका है।