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लाल मजदूर दिवस के समानांतर श्रम दिवस में भगवा रंग

छत्तीसगढ़ में उनकी पूजा की परंपरा रही है, इसीलिए उसको श्रम दिवस के रूप में मनाने की तैयारी है।

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मिथिलेश मिश्र@रायपुर. राज्य सरकार ने 17 सितम्बर को श्रम दिवस मनाने का फैसला किया है। सभी कलक्टरों को इस दिन कार्यालयों, कारखानों में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है। मुख्य सचिव विवेक ढांड़ ने बैठक लेकर आयोजन को गरिमापूर्ण और भव्य बनाने का निर्देश दिया है। इस कोशिश को वामपंथी 'लाल' रुझान वाले मजदूर दिवस के समानांतर श्रम दिवस का दक्षिणपंथी 'भगवा' रंग को प्रतिस्थापित करने के रूप में देखा जा रहा है। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव आरपी मंडल कहते हैं कि उस दिन भगवान विश्वकर्मा की जयंती है।

वे शिल्प और श्रम के देवता हैं। छत्तीसगढ़ में उनकी पूजा की परंपरा रही है, इसीलिए उसको श्रम दिवस के रूप में मनाने की तैयारी है। लेकिन राजनीतिक दलों को इसमें भाजपा और आरएसएस का छिपा हुआ मंसूबा दिख रहा है। भाकपा (मा-ले) रेडस्टार के राज्य सचिव सौरा यादव इसे एक मई को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को दरकिनार करने की कोशिश बता रहे हैं। उनका कहना था कि शासक वर्ग एक नए श्रम दिवस के बहाने श्रमिकों को भी साम्प्रदायिक आधार पर विभाजित करने की साजिश कर रहा है। यह मजदूर आंदोलन को भी नुकसान पहुंचाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता भूजीत दोशी कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस धर्म, भाषा, लिंग और राष्ट्रीयता से ऊपर उठकर मजदूरों को एक होने की बात करता है।

अब भाजपा सरकार का श्रम दिवस विश्वकर्मा जी के नाम पर लोगों के साम्प्रदायिक धु्रवीकरण की कोशिश मात्र ही है। दोशी का कहना था कि विश्वकर्मा जयंती आयोजन पर कोई आपत्ति नहीं, लेकिन उसे श्रम दिवस के रूप में नहीं मनाना चाहिए। भाजपा सरकार मजदूरी तो दे नहीं पा रही है, उसकी जगह पर मजदूरों को एक जुमला थमा दिया। हालांकि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने इससे इत्तफाक नहीं रखते। उपासने कहते हैं कि श्रम दिवस के आयोजन के पीछे सरकार की एेसी कोई भावना नहीं है। मजदूर दिवस का जो परम्परागत पर्व है वह तो चलता रहेगा। हमारे यहां विश्वकर्मा पूजा की परम्परा है। इसके जरिए उसी को वृहद रूप दिया गया है।

क्या है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस
अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस की शुरुआत 1 मई 1886 से हुई। अमरीका की मज़दूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से ज्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। इस हड़ताल दौरान के साथ शिकागो में पुलिस ने मज़दूरों पर गोली चला दी और सात मज़दूर मारे गए। भारत में चेन्नई में 1 मई 1923 को पहला मजदूर दिवस मनाया गया। इसकी शुरुआत भारतीय मज़दूर किसान पार्टी के नेता सिंगरावेलू चेट्यार ने की। उस दिन मद्रास हाईकोर्ट सामने एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। तय हुआ इस दिवस को भारत में भी कामगार दिवस के तौर पर मनाया जाये और इस दिन छुट्टी का ऐलान किया जाये। भारत समेत लगभग 80 मुल्कों में एक मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है।

केंद्री में आएंगी ईरानी
केंद्रीय मंत्रस्मृति ईरानी 17 सितम्बर के आयोजन में राजधानी के पास केंद्री गांव में पहुंचेंगी। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए स्मृति टैंक खोदने और ईंट जोडऩे की कोशिश करती दिख सकती हैं। सरकार ने कहा है कि श्रम दिवस का आयोजन सभी जिलों में ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय निकायों तक जनप्रतिनिधियों के सहयोग से श्रम दान का आयोजन किया जाए।