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सड़कों को सुधारने की मांग करते थक गए बच्चे, तो सबने मिलकर उठाया ये कदम

नवापारा बायपास के पास 50 स्कूली छात्र व छात्राओं ने पत्थर और मिट्टी उठाकर सडक़ के गड्ढों को भर दिया

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सड़कों को सुधारने की मांग करते थक गए बच्चे, तो सबने मिलकर उठाया ये कदम

रायगढ़/कुड़ेकेला. गड्ढों के कारण स्कूल बस नहीं आ पा रही थी। छात्रों ने जिम्मा उठाया और खुद गड्ढे भर दिए। रायगढ़ के खेदापाली चौक और नवापारा बायपास के पास ५० स्कूली छात्र व छात्राओं ने पत्थर और मिट्टी उठाकर सडक़ के गड्ढों को भर दिया। थोड़ी ही देर में रास्ता इस लायक बन गया कि बस स्कूल आ सके। बस के स्कूल तक नहीं आने से छात्रों को परेशानी हो रही थी। क्षेत्र का बायापास मार्ग काफी जर्जर हो चुका है।

विकास यात्रा में सीएम की लग्जरी बस के आने के लिए इन गड्ढों को भरा गया था। ऐसे में बस गुजर गई और कुछ माह बाद गड्ढों की मिट्टी भी कीचड़ और धूल बनकर उड़ गई। गड्ढों की भराई कर रहे छात्रों ने बताया कि सडक़ के इन गड्ढों के कारण एक सप्ताह से उनकी स्कूली बस यहां तक नहीं आ पा रही थी। ऐसे में उन्हें दो किमी पैदल चलकर या तो खेदापाली चौक जाना पड़ रहा था या फिर नवापारा जाना पड़ रहा था।

एसइसीएल के जिम्मे है सडक़ : बच्चों ने बताया, ये मार्ग एसइसीएल के जिम्मे है। ऐसे में कई बार सडक़ सुधार की मांग की गई पर कुछ नहीं हुआ। इसके बाद हमने ये निर्णय लिया और गड्ढों को खुद ही भर दिया है।

छात्रों ने बताया कि कभी-कभी तो उनके पालक उन्हें स्कूल पहुंचा देते थे, लेकिन घर लौटने के लिए काफी परेशानी हो रही थी। लगातार परेशानी को देखते हुए हमने ये सोचा कि पता नहीं इस मार्ग को कौन और कब बनाएगा कुछ गड्ढों की बात है हम आपस में मिलकर इसे भर देते हैं, ताकि हमारी बस यहां तक आ सके। इसके बाद सभी छात्र एकजुट हो गए और सडक़ के गड्ढों को गुरुवार सुबह दस बजे से भरना आरंभ कर दिया। आधे घंटे में इसे भर दिया और स्कूल की बस भी वहां पहुंच गई।

चार दिन पहले ये मामला आया था, एक सप्ताह से बस नहीं चल रही थी, इस सडक़ के गड्ढों को भरने के लिए गिट्टी बोल्डर जमा कर लिए गए हैं। मौसम के खुलने का इंतजार किया जा रहा था। शाम तक इसे भर दिया जाएगा। बीवीबी रेड्डी, सब एरिया मैनेजर, एससीइएल, छाल