2 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chhattisgarh News: MBBS काउंसलिंग में बड़ा बदलाव! पहले सीट अलॉटमेंट फिर होगी दस्तावेजों की जांच

MBBS Counselling: रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 के बाद MBBS और BDS प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग जल्द शुरू होने वाली है।
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh News

ऑनलाइन काउंसलिंग में नियमों का गड़बड़झाला (photo source- Patrika)

Chhattisgarh News: एमबीबीएस व बीडीएस कोर्स की सीटें बांटने के पहले दस्तावेजों का परीक्षण नहीं किया जाएगा। एडमिशन के ठीक पहले दस्तावेजों की स्क्रूटिनी की जाएगी। ऑनलाइन काउंसलिंग (Online Counseling) में यही नियम है। जबकि पहले इस पर विवाद भी हुआ है, लेकिन इस नियम को बदला नहीं गया है। नीट यूजी 21 जून को दोबारा हो चुकी है। इस माह के अंत तक रिजल्ट आने की संभावना है। इसके बाद अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग शुरू हो सकती है।

Online Medical Counseling: जारी कर दी जाएगी अंतिम चयन सूची

चिकित्सा शिक्षा विभाग पहले के नियम को नहीं बदल पाया है। दरअसल काउंसलिंग (Chhattisgarh MBBS Admission 2026) कराने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। यही नहीं पिछले 5 सालों से आवंटन सूची पर कोई दावा-आपत्ति भी नहीं कर सकता। इस तरह बिना दावा-आपत्ति के अनंतिम से अंतिम चयन सूची जारी कर दी जाएगी। पहले अनंतिम चयन सूची पर दावा-आपत्ति मंगाने के बाद आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाती थी। बिना जांच के सीटों के आवंटन से ये होगा कि जिनके कागजात सही नहीं होंगे, उनका आवंटन रद्द हो जाएगा।

NEET UG 2026 Counselling: वर्तमान में एमबीबीएस की 2330 सीटें, और बढ़ेंगी

Medical Counseling Rules: प्रदेश में वर्तमान में 10 सरकारी व 5 निजी मेडिकल कॉलेजों (Private medical colleges) में एमबीबीएस की 2330 सीटें हैं। प्रदेश के 45 हजार से ज्यादा छात्रों को री-नीट दी है। नीट में देरी होने से नए सेशन में देरी होना तय है। अगले साल यानी 2027 में होने वाली नीट यूजी कंप्यूटर बेस्ड यानी ऑनलाइन होने वाली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। ऑनलाइन में नकल की संभावना बिल्कुल नहीं रहती।

NEET Result 2026: नीट पीजी लंबे समय से इसी तर्ज पर हो रही है। (Chhattisgarh Medical Admission) मेडिकल एक्सपर्ट व रिटायर्ड डीएमई डॉ. विष्णु दत्त व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार नीट यूजी कंप्यूटर मोड में करानी चाहिए थी। इससे परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहेगी। पेन व पेपर मोड पर परीक्षा हो रही है तो इसमें सख्ती बरते जाने की जरूरत है। ताकि दोबारा परीक्षा कराने की नौबत ही न आए।