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Senior Citizens Day : 63 साल के पवन की ‘आंधी’ ऐसी कि दौड़ में बटोर रहे मेडल, विदेशों में गोल्ड से भरी झोली

Senior Citizens Day : कहते हैं कि उम्र तो एक नंबर मात्र है। अगर आपमें जीत का माद्दा हो तो आप उम्र को भी पछाड़ सकते हैं।

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रायपुर। Senior Citizens Day : कहते हैं कि उम्र तो एक नंबर मात्र है। अगर आपमें जीत का माद्दा हो तो आप उम्र को भी पछाड़ सकते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं पवन धनगर। उम्र भले 63 से ऊपर हो चुकी है लेकिन दौड़ में वे आज भी जवानों से आगे निकल गए हैं।

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टिकरापारा निवासी पवन ने पत्रिका से खास बातचीत में बताया, मैंने सिर्फ राज्य स्तरीय ही नहीं बल्कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडल भी अपने नाम किए हैं। जिसकी संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है। इस साल फरवरी में द्रोणाचार्य स्टेडियम कुरुक्षेत्र में आयोजित चौथे राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 60 से अधिक वर्ग में मैंने 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में गोल्ड हासिल किया है।

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विजेता बनने की ललक से मिली प्रेरणा

मैं रायपुर कलेक्ट्रेट में सहायक ग्रेड दो के पद से रिटायर हुआ हूं। 1986 में आदर्श भारती समिति की ओर से आयोजित पांच किमी कंट्री क्रॉस रेस में मुझे तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था। हलांकि मैंने उस वक्त सोचा नहीं था कि तीसरा आ जाऊंगा। मेरे मन में विचार आया कि कि थोड़ी और कोशिश करता तो विजेता भी बन सकता था। बस यहीं से मुझे प्रेरणा मिली और दौड़ मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई। मैं रोजाना सुबह 4 बजे उठ जाता हूं। 5.30 बजे ग्राउंड पर दौड़ शुरू कर देता हूं।

विदेशों में गोल्ड से भरी झोली

- वर्ष 2000 मलेशिया में तीन गोल्ड

- 2004 में थाइलैंड में दो सिल्वर

- 2019 में श्रीलंका में तीन गोल्ड

- 2022 में बांग्लादेश में तीन गोल्ड

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फिटनेस मंत्र: मैं नॉनवेज खाता हूं। समय पर सोना और उठना मेरी रूटीन में शामिल है। रोजाना आठ से दस किमी दौड़ अभ्यास का हिस्सा है।

मैसेज: युवा नशे से बचें। इससे स्टैमिना कमजोर तो होता है पैसे की भी बर्बादी होती है। एक एथलेटिक्स को चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करे।

आगे क्या: हैदराबाद में 8 से 11 फरवरी 2024 में ऑल इंडिया मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे।