
CG News: शासन ने लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर 27 विशेषज्ञ डॉक्टर व मेडिकल अफसरों की सेवा समाप्त कर दी है। यही नहीं, 21 मेडिकल अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। सभी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और पक्ष रखने कहा गया था। तीन वर्ष से अधिक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना शासन के मूलभूत नियम व छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम का उल्लंघन है।
सुनवाई में विशेषज्ञ डॉक्टर व मेडिकल अफसरों का पक्ष सुना गया। इसके बाद उनकी सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया। ज्यादातर डॉक्टर प्राइवेट अस्पताल चला रहे हैं या प्राइवेट अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। जिन डॉक्टरों की सेवा समाप्त की गई है, उनमें डॉ. प्रशांत कुमार व डॉ. वंदना पटेल लोइंग रायगढ़, डॉ. देवेंद्र प्रताप गीदम, डॉ. अशोक गुप्ता धौरपुर सरगुजा, डॉ. शिशिर चंद्राकर अंबिकापुर, डॉ. गीता पैकरा उदयपुर सरगुजा, डॉ. सौरभ अग्रवाल व डॉ. दीपिका अग्रवाल खरसिया, डॉ. विवेक साहू व डॉ. विश्वजीत करकड़े बोड़रा बालोद, डॉ. अपराजिता माहेश्वरी राजनांदगांव शामिल हैं।
इसी तरह डॉ. बौक्का पवन कुमार कोंटा सुकमा, डॉ. नेहा सरजल गरियाबंद, डॉ. ईशा अरविंद कुहारी, डॉ. जिशान अतीव दानी व डॉ. अवधेश प्रताप सिंह बटरेल पाटन, डॉ. श्रुति तिवारी झीट, डॉ. मानवेंद्र जंघेल दुर्ग, डॉ. देवेश प्रधान बैकुंठपुर, डॉ. तरुण नायक जगदलपुर, डॉ. नागेंद्र सोनवानी अर्जुनी बलौदाबाजार, डॉ. योगेश धाबर्डे बिटकुली बलौदाबाजार, डॉ. दीक्षा मरकाम व डॉ. कृतिका साहू मुंगेली। डॉ. तान्या मिश्रा लोरमी मुंगली, डॉ. संदीप तिवारी डॉ. प्रणवकांत अंधारे बिलासपुर शामिल हैं।
Published on:
29 Jan 2025 09:12 am
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