मैं गुप्त या प्रकट किसी दल का प्रचारक नहीं हूं। किसी की निर्बलता अगर आपके बलवान होने की वजह है, तो यह बलवान होना नहीं है। अभी के महागठबंधन को भी मैं सही नहीं मानता, यह तो सिर्फ विरोध की बुनियाद पर है। कांग्रेस की असफलता भाजपा की सफलता अगर है, तो यह दुर्भाग्य है। आप समझ सकते हैं।