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संविलियन की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों की महापंचायत शुरू, राजधानी में जुटी शिक्षाकर्मियों की भीड़

संविलियन की मांग को लेकर सरकार के साथ लड़ाई लड़ रहे छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने शुक्रवार को राजधानी में महापंचायत बुलाई है।

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संविलियन की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों की महापंचायत आज, जुटेंगे 1 लाख शिक्षाकर्मी

रायपुर . संविलियन की मांग को लेकर सरकार के साथ लड़ाई लड़ रहे छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा की राजधानी में महापंचायत शुरू हो गयी है। शुक्रवार को राजधानी के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर पूरे प्रदेश भर से शिक्षाकर्मी एकत्रित हुए। इस महापंचायत में सरकार के खिलाफ आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी। मोर्चा से जुड़े पांच शिक्षाकर्मी संघों का दावा है कि इस महापंचायत में 1 लाख से अधिक शिक्षाकर्मी जुटेंगे।

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मोर्चा के प्रदेश संयोजक वीरेन्द्र दुबे, केदार जैन, संजय शर्मा व चंद्रदेव राय ने बताया कि इस महापंचायत में सभी की सहमति से सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। मोर्चा का आरोप है कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में संविलियन का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने भी संविलियन करने की बात कही थी। इसके बाद भी सरकार संविलियन की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा कर दी गई है।

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शिक्षाकर्मियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश के बाद गठित हाईपावर कमेटी भी उनकी समस्याओं को दूर करने की जगह समय खराब करने में लगी है। पांच माह बाद भी कमेटी अब तक कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जबकि मोर्चा ने देश के अन्य राज्यों में शिक्षाकर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में सभी तथ्य पेश कर दिए हैं। शिक्षाकर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा, कि इस बार सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। गौरतलब है कि नवम्बर-दिसम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस वजह से शिक्षाकर्मी भी सरकार पर अपनी मांगों के लिए दबाव बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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सीएम बोले, जल्दबाजी न करें, पक्ष में होगा फैसला
कर्नाटक प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शिक्षाकर्मियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा, शिक्षाकर्मियों की शुरुआत मध्यप्रदेश से हुई थी। हाईपावर कमेटी को भोपाल भेजा है। शिक्षाकर्मियों को जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके पक्ष में हैं, जो भी होगा बेहतर होगा। इस संबंध में सरकार जल्द फैसला लेगी। वहीं इस मामले में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए संविलियन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को चिट्ठी भी लिखी है।