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दुकानदार को मिठाई की हर ट्रे पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई का फैसला

दुकानदार को मिठाई (Sweets shop) की ट्रे पर मिठाई के नाम और दाम के साथ-साथ एक्सपायरी डेट (Expiry date) भी लिखनी होगी। मिठाइयों में एक्सपायरी डेट का निर्देश एफएसएसएआई (FSSAI) ने सभी राज्य सरकार को भेजे हैं।

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दुकानदार को मिठाई की हर ट्रे पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई का फैसला

दुकानदार को मिठाई की हर ट्रे पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई का फैसला

रायपुर. मिठाइयां (Sweets) अगर खुशियों का मजा ही खराब कर दें तो ऐसा आपके साथ कभी न कभी हुआ होगा, जब आप दुकान से मिठाइयां घर ले गए होंगे और खाते ही लगा होगा कि स्वाद ठीक नहीं है। सवाल उठा होगा कि कहीं, ये खराब तो नहीं है। मगर,आप कुछ नहीं कर सकते। लेकिन अब आपकी समस्या का समाधान फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने ढूंढ लिया है।

Expiry date) भी लिखनी होगी। त्योहारी सीजन शुरू होने के ठीक पहले यह नया नियम ग्राहकों को राहत देने वाला है। मगर, अभी इसे छत्तीसगढ़ में लागू नहीं किया गया है। राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग नए नियम पर अध्ययन कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसे आज नहीं तो कल लागू करना ही होगा। बता दें कि हर साल विभाग के पास मिठाइयां खराब है, बासी है, बदबू आ रही है जैसे सैकड़ों शिकायत पहुंचती है।

फूड इंस्पेक्टर शिकायत पर सैंपल लेते हैं। रिपोर्ट 15 दिन बाद आती है। ऐसे प्रकरण में बहुत कम दुकानदारों पर ही कार्रवाई हुई है। सूत्रों की मानें तो खुली मिठाइयों में ही गड़बड़ी की संभावना होती है। दुकानदार यह करते हैं। बता दें कि अभी तक पैक्ड (डिब्बा बंद) खाद्य सामग्री में ही मैनुफैक्चरी डेट, एक्सपायरी डेट और खाद्य सामग्री बनाने में किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है, यह उल्लेखित होता है।

अधिकारियों का मानना है कि दुकानदार को एक्सपायरी डेट लिखा है। वह इसे रोज भी बदल सकता है। अब इसका तोड़ ही निकालने की कवायद विभाग द्वारा जारी है।

एफएसएसएआई, केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अंतर्गत एक संस्था है जो देशभर में खाद्य पदार्थों की क्वालिटी, पैकिंग और मॉनिटरिंग करती है। इससे संबंधी दिशा-निर्देश जारी करती है। इसके बनाए नियमों को राज्य सरकार पालन करती हैं। मिठाइयों में एक्सपायरी डेट का निर्देश एफएसएसएआई ने सभी राज्य सरकार को भेजे हैं।

इस नियम को लेकर दुकानदारों का तर्क है कि देश में मिठाइयों का 80 प्रतिशत काम असंगठित तरीके से होता है। एक्सपायरी डेट का औचित्य नहीं। इससे मिठाइयों की खपत 10-15 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। इसे लेकर इनका विरोध प्रदर्शन मार्च से जारी है। जब इसका ड्राफ्ट तैयार हो रहा था। बता दें कि अकेले रायपुर में दिवाली सीजन में मिठाइयों का कारोबार 5-6 करोड़ रुपए का होता है। 1,500 रुपए किलो तक मिठाइयां बिकती हैं।