
इस नवरात्रि माता अपने भक्तों के लिए सुख-समृद्धि लेकर आई हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंंकि नवरात्रि के पूरे 9 दिन बुधादित्य योग रहेगा। स्वर्ण धातु का प्रतिनिधित्व करने वाले देवगुरु बृहस्पति और आर्थिक लाभ को प्रदर्शित करने वाले शनिदेव के स्वग्रही होने से इसका महत्व दोगुना हो गया है। ऐसा संयोग लगभग 150 साल बाद बना है।
ज्योतिषियों की मानें तो यह दुर्लभ योगों की नवरात्रि है। इस दौरान सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, व्हीकल, जमीन-मकान समेत हर तरह की खरीदारी लाभकारी रहेगी। ज्योतिषियों ने बताया कि इस बार नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल योग में हुई है। यह अपने आप में अद्भुत संयोग है। यही वजह है कि नवरात्रि के 9 दिन अत्यंत श्रेष्ठ होंगे। नवरात्रि में 9 में से 5 दिन रवि, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग पड़ रहे हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि नवरात्रि में खरीदारी के लिए दीवाली जैसा ही शुभ मुहूर्त बन रहा है। इसके अलावा पंचमी, षष्ठी और सप्तमी और अष्टमी, इन चार दिनों में क्रमश: प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और शोभन योग भी पड़ रहे हैं। हर तरह से यह एक सुखद संयोग है।
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हाथी धन-धान्य का प्रतीक मां का आगमन और विदाई भी इसी पर
नवरात्रि भक्तों के लिए कैसी रहेगी, पंडित और ज्योतिषी माता की सवारी से इसका अनुमान लगाते हैं। माता यदि सिंह पर सवार होकर आती हैं ताे इसे उतना अच्छा नहीं माना जाता क्योंकि इससे युद्ध और तनाव जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं। अच्छी बात यह है कि इस बार माता हाथी पर सवार होकर आई हैं और विदा भी हाथी पर सवार होकर होंगी। हाथी को धन-धान्य का प्रतीक माना गया है। इस लिहाज से भी इस नवरात्रि को बेहद शुभ बताया जा रहा है। ज्योतिषियों की मानें तो ऐसे संयोग में खरीदी गई वस्तुएं अक्षयता को प्राप्त करेंगी।
भूमि-भवन खरीदना भी फायदेमंद क्योंकि मंगल-शनि हैं धनु राशि में
यह दुर्लभ संयोगों की नवरात्रि इसलिए भी है क्योंकि लगभग 30 साल बाद ऐसा योग बना है जब इन 9 दिनों के दौरान मंगल और शनि धनु राशि में हैं। मंगल व शनि, धनु राशि के स्वामी गुरु के मित्र हैं। मंगल भूमि का कारक ग्रह है और शनि किसी भी संपत्ति को स्थायी रखकर लाभ प्रदान करने वाले हैं। यही वजह है कि इन 9 दिनों में घर और संपत्ति खरीदना फायदेमंद होगा। ज्योतिषियों के अनुसार इन दोनों ग्रहों के गुरु के स्वामित्व में होने से यह अपनी परस्पर शत्रुता को भी नजरअंदाज करते हैं। इससे खरीदी गई संपत्ति में वृद्धि होती है।
हर दिन सुबह 9 से 11 बजे तो दोपहर में 3.30 से शाम 5.15 बजे तक शुभ मुहूर्त
इस बार नवरात्रि की शुरुआत मीन लग्न में हुई है। नक्षत्र उत्तरभाद्रपद है। इसके स्वामी शनि और के का स्वामी गुरु हैं। इसलिए इस दौरान की गई खरीदी गई वस्तुएं स्थायी और पूर्णकालिक लाभ प्रदान करने वाली होंगही। बता दें कि वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ स्थिर लग्न होते हैं। इनमें खरीदा गया समान स्थिर रहता है। नवरात्रि में यह समय हर दिन सुबह 9 से 11 और दोपहर 3.30 से शाम 5.15 तक रहेगा। इस समय को ध्यान में रखकर खरीद-फरोख्त की जा सकती है।
नवरात्रि में प्रॉपर्टी की खरीदारी इसलिए भी मानी गई फायदेमंद
नवरात्रि में भूमि-भवन और संपत्ति खरीदने के पीछे एक बहुत अच्छी वजह है। दरअसल ये सृष्टि पंचतत्वों से बनी है। अग्नि, वायु, जल, आकाश और भूमि। सनातन परंपरा में पंचदेव पूजन किया जाता है। ये पंचदेव हैं सूर्य, शिव, गणेश, विष्णु और दुर्गा। ये पांच देव ही इन पांच तत्वों के स्वामी हैं। सूर्य अग्नि, शिव वायु, गणेश जल, विष्णु आकाश और देवी दुर्गा भूमि की देवी हैं। नवरात्रि में देवी की आराधना ही होती है। अगर नवरात्रि में देवी के आधिपत्य वाले तत्व यानी भूमि में निवेश करेंगे तो ये निश्चित ही लाभकारी होगा।
समृद्धि की दृष्टि से अद्भुत संयोग...
ऐसा संयोग 150 साल बाद बन रहा है जब नवरात्रि में एकसाथ कई दुर्लभ योग पड़ रहे हैं। धन-धान्य और समृद्धि की दृष्टि से यह अद्भुत संयाेग है। इस अवधि में सोना, चांदी, फर्नीचर की खरीदी के साथ भूमि और भवन का रजिस्ट्रेशन करवाना शुभ होगा।
- ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे
Published on:
26 Sept 2022 09:33 pm
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