रायपुर. राजधानी से करीब 25 किमी दूर सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टाड़ा में शुक्रवार शाम करीब 4 से 5 बजे ग्रीन पेट्रो में आग लगने से धमाके हुए। धमाका उस वक्त हुआ जब एक टैंकर में ऑइल भरा जा रहा था। टैंकर की आग ने लिक्विड डीजल ऑइल (एलडीओ) के 4 टैंक को अपने चपेट में ले लिया। जिससे जोरदार धमाका हुआ। जिसकी गूंज पूरे गांव के साथ-साथ दो किमी दूर चरौदा तक हिलाकर रख दिया।
पहले फैक्ट्री में धुआं उठता रहा। धुआं उठता देख गांव के लोग अपनी-अपनी छतों पर खड़े होकर देखने लगे। इसी दौरान सबसे पहले एक टैंक ब्लास्ट हुआ। इस ब्लास्ट का धमाका इतना तेज था कि हड़बड़ी में कुछ लोग छतों से गिर गए। छत से गिरने से एक टाड़ा गांव की लड़की की कमर टूट गई, वहीं एक युवती भी गिर पड़ी उसके चेहरे में चोट आयी है। गांव की आंगन में खेल रहा एक बच्चा भी डर की वजह से गिर गया। इतना ही नहीं धमाके की आवाज सुन क्षेत्र के लोग इधर-उधर जान बचाने के लिए भागने लगे।
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फैक्ट्री से आसपास के लोग घर में कर भागे
टाड़ा गांव जहां पर फैक्ट्री स्थित है। वहां से 100 मीटर में लोगों का घर है। बसंत कश्यप ने बताया, जब ब्लास्ट हुआ उस वक्त घर में महिलाएं व बच्चे थे। आग की लपटें इतनी विकराल थी कि घर के पास का पेड़ भी झुलस गया। हम तुरंत ही घर में ताला लगाकर बस्ती के अंदर भागे।
लोग छतों पर बना रहे थे वीडियो
टाड़ा निवासी भागवत साहू ने बताया, जिस समय हादसा हुआ मैं अपने दुकान में बैठा था। ब्लास्ट की आवाज सुनकर जब छत में पहुंचा तो आग की लपटें देखकर वीडियो बना ही रहा था कि एक और धमाका हुआ जिसके डर से मैं अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर बस्ती में चला गया। साहू ने कहा, अगर हवा गांव तरफ होता तो आसपास के लोग तुरंत ही आग के चपेट में आ जाते।
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दो किमी दूर तक गूंजा धमाके की आवाज
चरोदा निवासी टीनू वर्मा ने बताया, मैं अपने घर में ही था कि अचानक बम फटने की आवाज सुनकर घर से बाहर निकलकर देखा तो टाड़ा के तरफ से आग का गुब्बारा उठ रहा था। आज तक हम लोगों ने ऐसा आग का गुब्बारा नहीं देखा था। वर्मा ने बताया कि रात में टाड़ा गांव के 5-6 परिवार हमारे गांव में अपने परिचित के यहां आकर रुका था। सुबह वापस गए।
घायल हई युवती
टाड़ा गांव में सिलाई मशीन बनाने गई युवती छत से गिरी। घायल युवती की बहन ने कहा, हम दोनों बहन सिलाई मशीन को बनाने गए। अचानक धुआं देखकर हम लोग छत में चढ़कर देख ही रहे थे। अचानक ब्लास्ट की आवाज सुनकर हड़बड़ी में हम भागने लगे। मेरी बहन कैसे गिरी हम लोग देख नहीं पाए। मेरी बहन के दोनों पैर में फैक्चर हो गया, जिसका इलाज रायपुर में चल रहा। अभी हाल में सगाई हुई है।
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प्रबंधक ने खींचा हाथ, सरपंच देंगे ज्ञापन
ग्राम टाड़ा की सरपंच रूखमणी शिवार ने बातचीत के दौरान बताया कि टैंकर बाहर से आया था। टंकी ब्लास्ट हुआ, लेकिन कोई हानि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हवा का रुख दूसरी तरफ था इसलिए बस्ती को लपेटे में नहीं लिया। अगर हवा का रुख बस्ती तरफ होता तो यकीनन बहुत हानि पहुंचती। रात भर लोग दहशत के कारण सोए नहीं थे।
इसके साथ फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की छुट्टी हो गई थी। उन्होंने कहा कि अगर हवा का रुख बस्तियों तरफ होता तो करीब 1, 2, 3, 4 वार्ड को अपनी चपेट में ले लेता। ग्राम टांडा में लगभग मूल निवासी की संख्या 2000 के करीब है और अतिरिक्त करके 4000 तक कि संख्या है। शिवारे ने कहा कि कंपनी वाले गलती नहीं मान रहे हैं। कलेक्टर, विधायक, सांसद एवं अन्य वरिष्ठ लोगों को ज्ञापन सौंप फैक्ट्री को बंद करने की मांग करेंगे।