रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना इलाके में एक कार जली हालत में मिली। उसमें एक कंकाल था। घटना की जानकारी सुबह लोगों ने पुलिस को दी। पतासाजी करने पर उसकी पहचान शहर के एक ट्रांसपोर्टर के रूप में की गई। पुलिस ने हादसा और हत्या दोनों के एंगल से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक बोरियाकला निवासी चंद्रशेखर सिंह का ट्रांसपोर्टिंग का कारोबार है। देवपुरी में उनका ऑफिस है। शुक्रवार की रात करीब 11.30 बजे वे ऑफिस से घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। शनिवार सुबह धनेली-धुसेरा मार्ग के ओवरब्रिज के नीचे उनकी कार सीजी 04 एमएल 9966 जली हुई मिली। कार के ड्राइविंग सीट पर चंद्रशेखर का शव मिला। शव के नाम पर केवल कंकाल था। माना पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है।
पाथवे से टकराने के निशान
घटना की सूचना मिलने पर माना पुलिस मौके पर पहुंची। सीन ऑफ क्राइम के मुताबिक कार ओवरब्रिज के नीचे बने पाथवे से टकराई है। इससे कार के आगे का हिस्सा और पाथवे का कुछ भाग क्षतिग्रस्त हो गया था। आशंका है कि टक्कर से कार के आगे के हिस्से में आग लग गई और चंद्रशेखर बाहर नहीं निकल पाया होगा। इस कारण कार के साथ जलने से उनकी भी मौत हो गई।
ऑफिस से घर के लिए निकले, पहुंच गए कहीं और
चंद्रशेखर की लाश और कार जिस जगह पर मिली है, वह रास्ता उनके घर से काफी दूर है। ऑफिस से रात 11.30 बजे निकलने के बाद उस दिशा में चंद्रशेखर क्यों जाएगा? उन्हें देवपुरी से रात 11.30 बजे निकलने के बाद अपने घर बोरियाकला आना चाहिए था। लेकिन वे धनेली रोड चले गए। इस कारण हत्या की आशंका भी जताई जा रही है।
मोबाइल भी खाक
चंद्रशेखर के साथ उनका मोबाइल और अन्य सामान भी जलकर खाक हो गया। कार के भीतर का पूरा सामान जल गया है। मामले को सुलझाने के लिए मोबाइल बड़ा जरिया था, लेकिन वह भी जल गया। हालांकि पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है। आखिरी बार चंद्रशेखर की किससे बात हुई थी? उसका पता लगाया जा रहा है।
आश्रम से जुड़े थे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चंद्रशेखर रावतपुरा आश्रम से जुड़े थे। आश्रम में अक्सर उनका आना-जाना होता था। घटना स्थल भी आश्रम जाने वाली दिशा पर है। अगर मान लिया जाए कि चंद्रशेखर आश्रम गए थे, लेकिन सवाल है कि आखिरी आधी रात को आश्रम में क्यों जाएंगे? पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। मृतक के पिता पुलिस विभाग में हवलदार रह चुके हैं। माना टीआई भावेश गौतम ने बताया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी एंगल से जांच की जा रही है। मृतक के कॉल डिटेल और आखिरी लोकेशन के आधार पर जांच की जाएगी।