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एक साल तो कोई दो माह से कर रहा प्रदर्शन, सुनवाई किसी की नहीं… D.ed अभ्यर्थियों ने कहा- जेल भेजने की दी जा रही धमकी

Raipur Protest News: छत्तीसगढ़ के विभिन्न संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हो रही है।

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एक साल तो कोई दो माह से कर रहा प्रदर्शन, सुनवाई किसी की नहीं... D.ed अभ्यर्थियों ने कहा- जेल भेजने की दी जा रही धमकी(photo-AI)

एक साल तो कोई दो माह से कर रहा प्रदर्शन, सुनवाई किसी की नहीं... D.ed अभ्यर्थियों ने कहा- जेल भेजने की दी जा रही धमकी(photo-AI)

Raipur Protest News: छत्तीसगढ़ के विभिन्न संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिसके चलते अधिकारियों पर आरोप भी लग रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले कुछ संगठन ऐसे भी हैं जो पिछले एक साल से डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों में दिव्यांगजन, रसोइया संघ, डीएड अभ्यर्थी शामिल हैं।

Raipur Protest News: 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 1 साल से धरने पर दिव्यांगजन

छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ एवं प्रदेश भर के दिव्यांगजन अपनी लंबित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर दिनांक 26 मार्च 2025 से धरना स्थल में लगातार शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। विगत अवधि में राज्य सरकार के दो बजट सत्र एवं अनेक कैबिनेट बैठकें संपन्न हो चुकी हैं, ङ्क्षकतु दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान हेतु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। न ही शासन-प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचकर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया।

हाल ही में वे घड़ी चौक में दिव्यांगजन सम्मान पैदल मार्च के माध्यम से मुख्यमंत्री निवास तक शांतिपूर्ण ढंग से प्रस्थान कर मुख्यमंत्री से आमने-सामने भेंट कर अपनी 6 सूत्रीय मांगों पर चर्चा करने का कार्यक्रम निर्धारित था। लेकिन प्रशासन द्वारा पांच मिनट भी रुकने का अवसर नहीं दिया गया और उन्हें गिरफ्तार कर धरना स्थल की ओर ले जाया गया।

डीएड अभ्यर्थियों ने जेल भेजने की धमकी का लगाया आरोप

सहायक शिक्षक भर्ती-2023 के डीएडअभ्यर्थी पिछले दो माह से ज्यादा समय से धरने पर बैठे है। वे रिक्त 2300 पदों पर पात्र डीएड अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति की मांग को लेकर कई बार शिक्षा मंत्री से मिलने का प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, टीआई और सीएसपी स्तर के अधिकारी पर प्रदर्शन रोकने और ऐसा नहीं करने पर झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी का आरोप लगाया है। कुछ अभ्यर्थियों पर कार्रवाई भी की गई है। जिसे प्रदर्शनकारियों ने झूठे आरोप पर कार्रवाई बताया है।

विधानसभा सत्र के दौरान डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी मुद्दे को उनके क्षेत्रीय विधायक के माध्यम से सदन में उठाया गया था। जिसे सुनने के उद्देश्य से अभ्यर्थी वैध पास बनवाकर विधानसभा गए थे। अभ्यर्थियों के अनुसार इस संबंध में पूर्व सूचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि विधानसभा गेट नंबर 3 के पास से 6 डीएड अभ्यर्थियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर 170 बीएनएसएस के तहत झूठा प्रकरण दर्ज कर दिया गया।

इसमें आरोप लगाया गया कि विधानसभा में तोडफ़ोड़ और मंत्रियों के बंगले में पेट्रोल फेंका गया। हिरासत में लिए जाने के बाद अभ्यर्थियों को एसडीएम कार्यालय भेजकर कथित रूप से आंदोलन समाप्त करने के लिए दबाव बनाया गया। इससे पहले भी लगभग 80 डीएड अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर 4 दिनों के लिए जेल भेजा जा चुका है।

दो माह से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे रसोइए

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइया पिछले दो माह से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनको प्रतिदिन 66 रुपए मजदूरी मिलती है। जिसके चलते वे धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी जा रही है। इसके उलट प्रदर्शन के चलते सडक़ पर धरना देने और ट्रैफिक जाम करने के आरोप में मामला दर्ज कर दिया गया था। वहीं, प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों की मौत भी हो गई है।