
पौधारोपण में न हो खानापूर्ति न हो इसलिए राज्य सरकार ने शहरी सरकारों से मांगा जीवित पौधों का हिसाब-किताब
रायपुर . बारिश का मौसम शुरू होने के बाद ही प्रदेशभर में हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत पौधरोपण का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। इस बार पौधरोपण के काम में खानापूर्ति न हो इसलिए सरकार ने जीवित पौधों का हिसाब-किताब भी मांगा है।
इसके लिए सरकार ने सभी निकायों को 15 अगस्त तक का समय दिया है। राज्य सरकार ने इस साल 13 नगरनिगमों, 44 नगरपालिका परिषद और 111 नगरपंचायतों को करीब दो लाख पौधा लगाने का लक्ष्य दिया है।
हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में पिछले माह मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इसमें यह बात सामने आई थी कि एक बार पौधरोपण करने के बाद विभाग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि पौधे जीवित है या नहीं। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों से जीवित पौधों की जानकारी मांगने का भी फैसला लिया है।
नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक निरंजन दास ने सभी निकायों से चार बिंदुओं में जानकारी मांगी है। इसमें रोपे गए पौधों की संख्या, पौधा लगाने में हुआ खर्च और जीवित पौधों के संबंध में जानकारी देने को कहा गया है। उनका कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक पौधरोपण अभियान की पूरी तरह मॉनीटरिंग की जाएगी।
पौधरोपण के लिए सरकार ने सभी निकायों को अलग-अलग लक्ष्य दिया है। सबसे अहम बात यह है कि रायपुर नगरनिगम की आबादी 10 लाख 48 हजार 120 और इसका क्षेत्रफल 178.35 वर्ग किलोमीटर है।
इसके बाद भी रायपुर निगम को 7500 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। यही लक्ष्य नगर निगम भिलाई, बिलासपुर और कोरबा को दिया गया है। जबकि भिलाई की आबादी 6 लाख 25 हजार 700, बिलासपुर की 3 लाख 49 हजार 107 और कोरबा की आबादी 3 लाख 63 हजार 390 हैं।
पौधरोपण का लक्ष्य
निकाय लक्ष्य कुल पौधे
रायपुर, बिलासपुर, 7500 30000
भिलाई व कोरबा
शेष नौ नगर निगम 3000 2700
44 नगरपालिका परिषद 2000 88000
111 नगरपंचायत 500 55500
Updated on:
18 Jul 2018 11:10 am
Published on:
18 Jul 2018 11:01 am
बड़ी खबरें
View Allछत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
