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समय प्रबंधन पर राज्यस्तरीय वेबीनार

पांच हजार से अधिक लोगों ने यू-ट्यूब और फेसबुक में लाइव देखाकामयाब होने के लिए समय प्रबंधन जरूरी

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समय प्रबंधन पर राज्यस्तरीय वेबीनार

समय प्रबंधन पर राज्यस्तरीय वेबीनार

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा आज रविवार (27 सितंबर) को समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) विषय पर राज्य स्तरीय वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षक प्रशांत कुमार पाण्डेय ने सफलता के लिए समय प्रबंधन के विषय में रोचक अंदाज में अपने विचार व्यक्त किए । वेबीनार को पूरे प्रदेश के 5000 से अधिक लोगों ने यूट्यूब और फेसबुक पर लाइव देखा।

मुख्य वक्ता पांडे ने मैं समय हूं .."वीडियो के जरिए वेबीनार की शुरुआत करते हुए कहा कि दुनिया में सभी व्यक्ति के पास 24 घंटे का बराबर समय है , अब यह उस व्यक्ति के उपर निर्भर करता है कि वह उसका किस प्रकार प्रबंध करता है। मै समय हूं मैं पहले भी था मैं आज भी हूं मैं कल भी रहूंगा। क्या आप इस करवट लेते युग के साथ खुद को बदलने की हिम्मत रखते है? क्या आप हमेशा शिखर पर रहना चाहते है? क्या आप समय पर बदलने को तैयार है? यदि आपका उत्तर हां है तो कल की सफलता, आज की जीत और आने वाले कल की कामयाबी के पीछे बस एक ही रणनीति और वो है परिवर्तन। परिवर्तन पहले सोंच में फिर अमल में। अगर आप आप मेरे साथ है तो वक्त आपके साथ हैं।

पाण्डेय ने सामान्य लक्ष्य, निश्चित लक्ष्य और महत्वपूर्ण लक्ष्यों को अनिवार्य कार्य, महत्वपूर्ण कार्य एवं सामान्य कार्य का प्राथमिकता के साथ विभाजन कर मल्टीटास्किंग अर्थात एक समय पर दो कार्य करें। कार्य सौंपना सीखे, प्राथमिकता के कार्य पर 20 प्रतिशत समय, उर्जा और कर्मचारी लगाएं तो 80 प्रतिशत सफलता प्राप्त होगी। पांडे ने आगे कहा कि समय उड़ता है आप इसके पायटल है अत: समय का बेहतर प्रबंध करें। अपने प्राईम टाईम में काम करें, स्वयं को व्यवस्थित करें, कार्यों के लिए समय-सारणी बनाएं, कार्य में जुट जाएं, सफलता की फसल काटने के लिए उसका बीज आज बोना पड़ेगा, की-नोट स्पीकर प्रशांत पांडे ने स्मार्ट शब्द की व्याख्या करते हुए उसे उदाहरण सहित समझाया। समय का महत्व एवं स्पष्ट, मापनीय, विश्वसनीय, संभव और समयबद्ध आदि बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमें अति आवश्यक कार्य, महत्वपूर्ण कार्य, कम महत्वपूर्ण कार्य और अनावश्यक कार्यों के बीच में विभाजन करना आना चाहिए ताकि हम अपनी ऊर्जा और समय का उपयोग अनावश्यक और महत्वहीन कार्यों में व्यर्थ ना करें। राज्य स्तरीय वेबीनार का संचालन एवं आभार प्रदर्शन शिक्षा सलाहकार सी सत्यराज अय्यर ने किया।