वहीं, प्रदेशभर नगरीय निकायों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों ने 11 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है। दरअसल, शासन ने कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बनाई कमेटी द्वारा बैठक में नहीं बुलाने और सरकार के मंत्रियों से लेकर मंत्रालय में बैठक आला अधिकारियों को उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की जा रही है। अनियमित कर्मचारी सरकार से सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं कि शासन के अन्य विभागों की तरह निकाय से ही उन्हें सीधे वेतन का भुगतान किया जाए, लेकिन सरकार उनकी एक मांग को भी पूरी नहीं कर रही है।