
Studies affect the Shikshakarmis strike in Chhattisgarh
अजय रघुवंशी/रायपुर. शिक्षाकर्मी हड़ताल पर हैं और प्राचार्य स्कूलों में क्लास लेने पर मजबूर है। स्कूलों में जो शिक्षक बच गए हैं, उन पर काम का दबाव काफी बढ़ चुका है। शहर में कई ऐसे स्कूल भी हैं, जहां शिक्षाकर्मी हड़ताल से वापस लौट आए हैं, लेकिन अभी भी 80 से 90 फीसदी शिक्षाकर्मी हड़ताल पर डटे हैं।
स्कूलों के ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कुछ ऐसी तस्वीर सामने आई। हमने पाया कि कई स्कूलों में प्राचार्य बच्चों को पढ़ा रहे हैं। शिक्षाकर्मियों की हड़ताल की वजह से इन स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, वहीं अर्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद प्री-बोर्ड की तैयारी और पाठ्यक्रम पूरा करने में बाकी शिक्षकों के पसीने छूट पड़े हैं। पत्रिका ने स्कूलों की पड़ताल के दौरान यह भी पाया कि रायपुरा स्थित सरकारी हायर सेंकडरी स्कूल में स्कूल से पासआउट पूर्व छात्र कक्षाएं ले रहे हैं, ताकि आधा-अधूरा कोर्स पूरा किया जा सके।
8 शिक्षाकर्मी में 2 वापस लौटे
रायपुरा स्थित सरकारी स्कूल की प्राचार्य आर. सुरंगे ने बताया कि इस स्कूल में 8 शिक्षाकर्मी पदस्थ है, जिसमें से सिर्फ 2 शिक्षाकर्मी लौटे हैं। पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन अतिरिक्त कक्षा के जरिए कोर्स पूरा कराया जा रहा है। प्राचार्य ने बताया कि वे स्वयं स्कूल में अंग्रेजी की कक्षाएं ले रही है। स्कूल में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक रसायन, भौतिकी, अर्थशास्त्र, गणित अदि के विषय के शिक्षाकर्मी हड़ताल पर होने की वजह से पढ़ाई प्रभावित हुई है।
गणित पढ़ाती मिली प्रधानपाठिका
चंगोराभाठा स्थित प्राथमिक शाला में प्रभारी प्रधानपाठिका आभा शर्मा बच्चों को गणित पढ़ाती मिली। पूछने पर उन्होंने बताया कि स्कूल में कुल 7 शिक्षकों का स्टाफ है, जिसमें 3 शिक्षाकर्मी बाकी 4 नियमित शिक्षक है। 2 शिक्षाकर्मी हड़ताल से वापस लौट आए हैं, 1 शिक्षाकर्मी हड़ताल पर है। कक्षाएं क्यों अधूरी रहे इसलिए वे बच्चों को पढ़ाती है। स्कूल में प्रधानपाठक नहीं होने की वजह से उन्हें प्रभारी प्रधानपाठक की भी जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
मेरे यहां शिक्षाकर्मी नहीं
चंगोराभाठा बाजार चौक स्थित सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल की प्राचार्य वंदना दवे ने कहा कि उनके यहां हायर सेंकडरी में शिक्षाकर्मी स्टाफ नहीं है। मिडिल स्कूल में जो शिक्षाकर्मी हड़ताल पर थे, वे भी ज्यादातर वापस लौट आए हैं।
पढ़ाई नहीं तो कराया जा रहा खेलकूद
कई स्कूलों में जहां पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं बचे हैं ऐसे स्कूल में खेल-कूद के माध्यम से बच्चों में शारीरिक दक्षता का विकास किया जा रहा है। हालांकि स्कूल प्रबंधन का मानना है कि यह समय खेलकूद से ज्यादा पढ़ाई करने का है, लेकिन स्टाफ नहीं होने की वजह से वार्षिक खेल-कूद के कार्य को पूरा किया जा रहा है।
बर्खास्तगी का लिखित आदेश नहीं
सरकारी स्कूलों के प्राचार्य और प्रधानपाठकों के मुताबिक हड़ताली शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी को लेकर प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से किसी प्रकार का लिखित आदेश नहीं मिला है। प्राचार्यों ने कहा कि हमे बर्खास्तगी को लेकर लिखित में कोई आदेश नहीं मिला है, लिहाजा वापस लौटने को लेकर शिक्षाकर्मियों पर हम सीधे तौर पर दबाव नहीं बना रहे हैं।
रायपुरा स्थित पं.गिरजाशंकर शास उ मा वि. में स्कूल के पूर्व छात्र दीपक जायसवाल 11वीं और 12वीं कक्षा में फिजिक्स पढ़ाते मिले। पेेशे से सरकारी नौकरी में फार्मासिस्ट पद पर कार्यरत दीपक ने कहा कि शिक्षाकर्मी हड़ताल पर है, मैंने सोचा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित क्यों हो, इसलिए कक्षाएं लेने आ गया। इसके लिए मैेंने प्राचार्य से अनुमति ली है।
Published on:
01 Dec 2017 01:47 pm
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