
निलंबित (photo-patrika)
रायपुर। फर्जी तरीके से दूसरे जिले की आईडी से अमानक चावल की खरीदी करने का मामला उजागर हुआ है। यह खेल 20 से 22 दिसंबर तक 5 जिला कोरबा, कटघोरा, बेमेतरा, बालोद, और जशपुर में 8 स्थानों में हुआ। जहां नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मात्रा से अधिक की कस्टम मिलिंग चावल (सीएमआर) खरीदी की गई। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के नाक के नीचे दूसरे जिले की आईडी का इस्तेमाल किया गया। साथ ही ओटीपी लेकर 40040 क्विंटल चावल लिया गया।
इस खेल के चलते करीब 17 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया। हालांकि यह खेल खुलेआम चल रहा था। लेकिन, इसका भंडाफोड़ होने पर खानापूर्ति करने के लिए बेमेतरा के कनिष्ठ तकनीकी सहायक महेश्वर लाल सोनवानी और कोरबा जिला गोदाम प्रभारी एवं कनिष्ठ सहायक मणिशंकर लहरे को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय द्वारा 8 से ज्यादा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही मामले की जांच करने के लिए टीम गठित की गई है। उन्हें पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। इस खेल की जानकारी होने पर श्रम कल्याण मंडल के पूर्व सदस्य नरेश गड़पाल को होने पर इसे उजागर किया।
इस तरह हुआ खेल
अमानक चावल की खरीदी का खेल नान के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सिंडीकेट बनाकर की गई। इसकी शुरुआत कोरबा जिले से हुई। जहां के जिला प्रबंधक का नियमितिकरण फर्जी भर्ती होने के कारण आज तक नहीं हुआ है। इस समय भी विभागीय जांच चल रही है। उनके एक अन्य नजदीकी बेमेतरा जिले के तकनीकी कर्मी महेश्वर लाल सोनवानी आईडी कोरबा स्थानातंरित कर दी और महेश्वर लाल को बेमेतरा में रोके रखा।
जबकि नियमानुसार नियमित तकनीकी कर्मी से केवल एक लॉट (एक लॉट = 580 बोरा = 280 क्विंटल) पास कराया गया। लेकिन, इसकी पात्रता तकनीकी कर्मी एक दिन में अधिकतम 15 लॉट पास कर सकता है। इसे ताक पर रखकर सारे लॉट एक सेवा मुक्त प्लेसमेंट कर्मी प्रकाश बरेठ (जिसकी नियुक्ति वर्ष 2024 में हुई थी और मई 2025 में ख़त्म हो गई) से कराया गया। सेवा ख़त्म हो जाने के बाद भी वो नान कोरबा में अनधिकृत रूप से रहा) से महेश्वर लाल सोनवानी की आईडी से पास करवाए गए जो वहां उपस्थित ही नहीं था।
बताया जाता है कि यह सभी चावल निम्न गुणवत्ता का था। जिसे पास करने की एवज में कोरबा और बेमेतरा जिला के जिम्मेदारी लोगों द्वारा लेनदेन किया गया। बता दें कि सीएमआर के लिए भर्ती चावल उपार्जन के पहले प्रत्येक वर्ष नवंबर-दिसंबर माह के लिए होती है। यह भर्ती केवल 6 माह तक ही वैध रहती है तभी उनकी आई डी जनरेट होती है। इसे सामान्य बताने के लिए कुछ अन्य जिलों के तकनीकी कर्मियों की आईडी भी कोरबा स्थानांतरित कर दी गई थी। जिनमे से एक 2 लॉट के पेपर बनाए गए थे। मामला जब उजागर हुआ तो लीपापोती करते हुए नान मुख्यालय ने अपने 8 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
अनुपिस्थति में पेपर बने
श्रम कल्याण मंडल के पूर्व सदस्य ने बताया कि यह तब प्रकाश में आया जब महेश्वर लाल सोनी कोरबा गए ही नहीं और उनकी आईडी से पेपर बनते रहे। वहीं बिना किसी आदेश के आईडी ट्रांसफर कैसे कर दी गई। बता दें कि आईडी ट्रांसफर के नियम के तहत क्वालिटी इन्स्पेक्टर को जिस जिले में मुख्यालय द्वारा पदस्थ किया जाता है वही वो चावल की गुणवत्ता की जांच कर पेपर बनाते हैं। बिना मुख्यालयीन लिखित आदेश के कोई भी क्वालिटी इंस्पेक्टर दूसरे जिले में लॉट का पेपर नहीं बना सकते। लिखित मुख्यालयीन आदेश के बाद ही कोई जिला प्रबंधक क्वालिटी इंस्पेक्टर की एलडी अन्य जिले को ट्रांसफर कर सकता है।
इनको नोटिस जारी किया
मणिशंकर लहरे कनिष्ठ सहायक एवं गोदाम प्रभारी कोरबा
महेन्द्र वर्मा --कनिष्ठ तकनीकी सहायक कोरबा
छत्रराम कुर्रे -- कनिष्ठ सहायक एवं गोदाम प्रभारी कटघोरा
प्रमोद जांगड़े -- जिला प्रबंधक कोरबा
महेश्वर सोनवानी -- कनिष्ठ तकनीकी सहायक बेमेतरा
हर्शल मेश्राम -- कनिष्ठ तकनीकी सहायक धमतरी सलग्नीकरण बालोद
लक्ष्मी देवी बघेल -- कनिष्ठ तकनीकी सहायक बालोद
रविन्द्र मिंज -- कनिष्ठ तकनीकी सहायक जशपुर
Updated on:
10 Feb 2026 11:39 pm
Published on:
10 Feb 2026 11:38 pm
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