
स्वच्छता सर्वेक्षण में ऐसे तो पिछड़ जाएंगे हम... Online फीडबैक में न पार्षद और न निगम अधिकारी ले रहे रुचि
रायपुर . स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में लगातार दो साल से फिसड्डी रहने के बावजूद इस बार भी सर्वे में ऑनलाइन फीडबैक देने के मामले में कोई गंभीर नहीं है। न तो निगम के अधिकारी-कर्मचारी इसमें ठीक से रुचि ले रहे और न ही पार्षद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए फीडबैक देने का काम महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं और सफाई मित्रों के भरोसे छोड़ दिया है। ये महिलाएं कॉलेज, कॉलोनी और बाजारों में जाकर अपनी क्षमतानुसार फीडबैक स्वच्छता एप के जरिए भिजवा रहीं हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में फीडबैक देने की अंतिम मियाद 3 फरवरी तक है।
निगम मुख्यालय से लेकर जोन में काउंटर तक नहीं
फीडबैक दिलाने का जिम्मा नगर निगम प्रशासन का है। लेकिन यहां के जिम्मेदार अधिकारी निगम मुख्यालय और जोनों में फीडबैक के लिए एक काउंटर तक नहीं खोला है। जबकि नगर निगम मुख्यालय और जोन कार्यालयों में रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम से आते-जाते हैं। वैसे निगम में स्थाई और प्लेसमेंट को मिलाकर अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या 4 हजार के करीब हैं। यदि एक शख्स 20 लोगों से भी स्वच्छता एप से फीडबैक भिजवाते हैं तो 80 हजार लोगों का फीडबैक होगा। गौरतलब है कि पिछले 22 जनवरी तक महज 30 हजार लोगों ने ही फीडबैक दिया था।
रायपुर टॉप- 5 में भी शामिल नहीं
पिछले दिनों केंद्रीय शहरी मंत्रालय की वेबसाइट में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर फीडबैक के मामले में टॉप-5 शहरों की सूची जारी की थी। जिसमें अलर्ट जारी किया गया था कि अमुक शहर फीडबैक के मामले में आगे चल रहे हैं। इस सूची में रायपुर टॉप-5 में भी स्थान नहीं बना पाया है। जबकि प्रदेश स्तर पर जारी सूची में अपना रायपुर तीसरे स्थान पर था।
वर्जन
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए फीडबैक स्वच्छता एप के जरिए भरवाने के लिए निगम के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। निगम मुख्यालय और जोन कार्यालयों में एक व्यक्ति की ड्यूटी लगाकर वहां आने-जाने वाले से भी फीडबैक भरवाने की व्यवस्था की जाएगी।
पुलक भट्टाचार्य, अपर आयुक्त, नगर निगम रायपुर
Published on:
24 Jan 2020 08:23 pm
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