
मिट्टी से सेहत के फायदे बताते एक्सपर्ट
रायपुर। कुदरत ने हमें हवा और पानी के अलावा कई नेमतें दी है जिसका हम फायदा उठाकर अपनी लाइफस्टाइल आसान बना सकते हैं। काली मिट्टी में हैल्दी लाइफ का राज छुपा है। ये हम नहीं बल्कि आयुर्वेदक के विशेषज्ञ डॉ विवेक भारतीय कह रहे हैं। सोमवार को उन्होंने बकायदा डेमो के माध्यम से मिट्टी के गुर बताए तो मौजूद लोग आश्चर्य में पड़ गए। मिनटों में उन्हें रिलेक्स फील होने लगा। शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में आए लोगों को मिट्टी पट्टी चिकित्सा का प्रयोग किया गया। सुबह 7 बजे प्राकृतिक एवं योग चिकित्सक डॉ. विवेक ने मिट्टी से इलाज के तरीके बताए। जिसमें मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा, उपवास आदि प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व विस्तार से बताया। महाविद्यालय चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार जोशी ने प्राकृतिक चिकित्सा एवं पंचमहाभूत के बारे में संक्षिप्त में बताया कि संसार में जितनी भी चिकित्सा पद्धतियां हैं उनमें जल चिकित्सा सबसे प्राचीन है। मानव शरीर के पांच निर्माण कारक तत्वों में से एक तत्व जल है। शरीर में इसकी कमी से जहां अनेक रोगों का कारण बनती है वहीं इसकी समुचित मात्रा में रोगों को दूर करती है। त्वचा रोग, कब्ज, अनिद्रा, थकान, मिर्गी, उच्च रक्तचाप, पाचन क्रिया संबंधित विकार आदि अनेक रोगों में जल चिकित्सा बेहद असरदार होती है।
ऐसे करें प्रयोग
डॉ विवेक ने बताया कि काली मिट्टी हम कन्हार से लाते हैं। आयुर्वेदिक कॉलेज में रियायती दर पर उपलब्ध है। रात में इसे भिगोकर सुबह लाल कपड़ें में लपेट लें और पेट पर रखें। इससे आपकी पाचन शक्ति मजबूत होगी और कब्ज से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाएंगी। अगर आप बीपी के मरीज हैं तो रीढ़ पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। रोजाना 20 मिनट इसका उपयोग आपके लिए संजीवनी की तरह काम करेगा। एक चीज का ध्यान रखें कि कपड़ा लाल रंग का हो। लाल रंग मिट्टी की ठंडक और नमी को बाहर नहीं आने देता है।
ये हैं फायदे
मिट्टी चिकित्सा प्राकृतिक के अंतर्गत आने वाली ऐसी विधि है जिसमें विकारों को दूर करने तथा स्वास्थ्य संवर्धन के लिए मिट्टी का विभिन्न रूपों में प्रयोग किया जाता है। यह शरीर को शीतलता प्रदान करती है तथा शरीर के दूषित पदार्थो को घोलकर एवं अवषोशित कर शरीर से बाहर निकाल देती है। सिर दर्द एवं उच्च रक्तचाप आदि में पेट के साथ-साथ माथें पर भी मिट्टी की पट्टी रखने से लाभ द्विगुण हो जाता है।
Published on:
19 Nov 2019 10:57 pm
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